उसावां थाना क्षेत्र में रविवार रात मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से बाइक टकराने पर कांवड़ियों के दो जत्थे आपस में भिड़ गए। उन्होंने हाईवे पर बवाल कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया परंतु पुलिस जाम नहीं खुलवा सकी। दोनों जत्थों के कांवड़िये एक-दूसरे पर कार्रवाई कराने को सड़क पर लेट गए। सुबह करीब चार बजे तक जाम लगा रहा। बाद में पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, तब कहीं उनके बीच समझौता हुआ और वे शिवालय की ओर रवाना हुए। मामला रविवार रात करीब 11 बजे का है। उस समय उसावां थाना क्षेत्र में एमएफ हाईवे पर पटना देवकली शिव मंदिर जाने वाले हजारों कांवड़ियों की लाइन लगी थी। हाईवे पर जत्थे के जत्थे चल रहे थे। इन्हीं में शामिल सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम नौसेरा निवासी सुनील कुमार, रवि और विपिन बाइक से थे। जबकि उसहैत क्षेत्र के ग्राम रिजोला निवासी मोनू और रघुराज का जत्था ट्रैक्टर-ट्रॉली से था। ग्राम मरौरी के पास बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली आपस में टकरा गई। जिससे बाइक सवार तीनों कांवड़िये मामूली रूप से चोटिल हो गए। इससे दोनों पक्षों के कांवड़ियों में नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगाने लगे। इससे मामला और उलझने लगा। कुछ ही देर में दोनों ओर के दर्जनों कांवड़िये एकत्र हो गए। उन्होंने जहां की तहां अपने वाहन रोक लिए और एक-दूसरे से मारपीट शुरू कर दी। जिससे एमएफ हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान कुछ कांवड़ियों ने पुलिस को सूचना दे दी। इस पर उसावां इंस्पेक्टर धीरज सिंह सोलंकी पुलिस बल के पास मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह दोनों जत्थों के बीच हो रही मारपीट तो बंद करा दी। परंतु कांवड़िये एक-दूसरे पर कार्रवाई कराने के लिए अढ़ गए। इस दौरान पुलिस को यथा स्थिति बनाए रखना भारी पड़ गया। पुलिस एक पक्ष को समझाती, तो दूसरा बिगड़ जाता। थाना पुलिस की लापरवाही से कांवड़िये गुस्सा गए। उन्होंने हाईवे पर जाम लगा दिया। सड़क पर वाहन लगा दिए और वह लेट गए। किसी वाहन को उधर से गुजरने नहीं दिया, जिससे पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए।
इधर, मामले की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर भी मौके पर पहुंच गए। सुबह करीब चार बजे तक हाईवे पर जाम लगा रहा। पुलिस अधिकारियों के कहने पर दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। तब कहीं एमएफ हाईवे पर आवागमन सुचारू हो सका।