उझानी (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र के गांव वरी के नगला गांव में सरकारी जमीन के पैमाइश के दौरान मारपीट और हंगामा के मामले में रविवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब लेखपाल ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाने वाली प्रधान और उसके पति समेत चार लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकाने की नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी। हमलावरों में आठ-नौ अज्ञात महिला-पुरुष भी बताए गए हैं। पूरे मामले में आरोप-प्रत्यारोप को लेकर पुलिस ने प्रधान पक्ष पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रधान और उसके पति ने शनिवार शाम को एसएसपी से भेंट कर दरोगा समेत पुलिस कर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया था।
सरकारी जमीन पर घूरे को लेकर एक जाति के दो पक्ष के लोगों के बीच कई दिन से चल रही रस्साकसी ने शनिवार अपराह्न में उग्र रूप ले लिया था। प्रधान पति सूर्यप्रकाश उर्फ बबलू की मानें तो लेखपाल अंबरीश कुमार गुप्ता और दरोगा समेत सिपाहियों ने पहले उसे फिर बचाव में आगे आई उसकी पत्नी प्रधान विद्या भारती समेत बेटी की पिटाई कर दी थी। पिटाई से खुद को घायल बताते हुए तीनों ने देर शाम ही जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया था। फिर एसएसपी से भेंट कर पुलिस और लेखपाल की शिकायत की थी। दरोगा संजय कुमार शर्मा ने बताया कि प्रधान पति समेत उसके पिता जागन सिंह, भाइयों में गौरव और वीटू ने लेखपाल से मारपीट और गाली गलौज कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इससे एक दिन पहले पुलिस ने गांव की मुन्नी देवी की तहरीर पर चारों के खिलाफ मारपीट की एनसीआर लिखी थी। एनसीआर भी दर्ज कराई थी जब प्रधान और उसके पक्ष के लोग एसएसपी दफ्तर पहुंचे थे। इधर, प्रधान पति सूर्यप्रकाश का कहना है कि
पुलिस और लेखपाल ने यह कदम अफसरों से उनकी शिकायत के बाद उठाया है। पुलिस ने उनके साथ मारपीट और अभद्रता की थी। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो हकीकत भी सामने आ जाएगी।
एसडीएम पहुंचे वरी के नगला, दोनों पक्ष से की बात
उझानी। वरी के नगला में शनिवार को पैमाइश के मामले में एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य रविवार को मौके पर पहुंचे। प्रधान प्रति ने बताया कि एसडीएम ने पहले तो मौका मुआयना किया फिर पूरे मामले को लेकर दोनों पक्ष के लोगों से घटना की जानकारी हासिल की। दोनों पक्ष के लोगों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए हैं।