शरारती तत्व दुगरैय्या गांव के पार्क में लगी बाबा साहब की प्रतिमा पहले भी तोड़ चुके है। उस समय भी लोगों ने काफी हंगामा किया था। मगर रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद शरारती नहीं पकड़े गए।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक वर्ष 2014 में आंबेडकर प्रतिमा तोड़े जाने पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मगर कोई साक्ष्य न मिलने पर पुलिस ने मुकदमे में एफआर लगा दी थी। उस समय भी दलित समाज के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। कार्रवाई न होने से शरारती तत्वों के हौसले बढ़ गए। इसी के चलते फिर प्रतिमा को तोड़ दिया गया।
प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: शहर विधायक
कुंवरगांव। आंबेडकर प्रतिमा तोड़े जाने का पता लगने पर शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता देर शाम दुगरैय्या जा पहुंचे। उन्होंने एसपी सिटी कमल किशोर को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई की जाए। समाज के अंदर कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपनी हरकतों से अराजकता फैलाना चाहते हैं। इसे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बाबा साहब सभी के आदर्श रहे हैं। विधायक के साथ भाजपा जिला महामंत्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव भी रहे।
आगरा से मंगाकर लगाई दूसरी प्रतिमा
कुंवरगांव। बाबा साहब की प्रतिमा को तोड़े जाने से दलित समाज के लोगों में बेहद आक्रोश है। सो उनके आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल ही दूसरी नयी प्रतिमा लाने को कुछ लोगों को आगरा भेज दिया। शाम को नयी प्रतिमा लाकर उसे लगा दिया गया।
सुरक्षा में लगा सिपाही गायब, निलंबित
कुंवरगांव। अंबेडकर की प्रतिमा की सुरक्षा को थाने में तैनात सिपाही अजीत सिंह को लगाया गया था। उसकी तैनाती के बाद भी प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। चर्चा है कि सिपाही रात में ही गायब हो गया था। इसकी जानकारी भी पुलिस के आला अफसरों को दी गई है। इधर, एसएसपी अशोक कुमार ने बताया कि सिपाही के गांव से गायब हो जाने के मामले में उसे निलंबित कर दिया गया है।
गांव के ही व्यक्ति का नाम आया प्रकाश में
कुंवरगांव। थाना पुलिस के मुताबिक गांव दुगरैय्या निवासी कालीचरन की ओर से लिखाए गए मुकदमे में गांव के ही एक व्यक्ति का नाम सामने आया है। कहा गया है कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों में वह भी शामिल था। वह फरार है। उसे तलाश किया जा रहा है।