उझानी (बदायूं)।
चालक संतोष कश्यप को नशा सुंघाकर ई-रिक्शा लूट लिए जाने के मामले में पीड़ित के घरवालों ने शुक्रवार शाम को एसपी (सिटी) के सामने पेश होकर कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया। हालांकि घटना की रिपोर्ट शनिवार शाम तक किसी भी थाने में दर्ज नहीं की गई लेकिन मुजरिया पुलिस ने घटना की शुरुआत यहां बाइपास से बातकर कार्रवाई करने के लिए गेंद उझानी पुलिस के पाले में डाल दी।
बृहस्पतिवार शाम को बुकिंग करके ले जाने के बाद रात में तीन बदमाशों ने मोहल्ला नझियाई निवासी संतोष कश्यप का ई-रिक्शा लूट लिया था। संतोष बेहोशी की हालत में मुजरिया थाना क्षेत्र में पड़ा मिला था। घरवालों ने उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। भाई जगन्नाथ शनिवार सुबह संतोष की हालत में सुधार होने पर घर ले आया। बताया कि उसने इस मामले में उझानी और मुजरिया पुलिस से शिकायत की लेकिन किसी ने भी कार्रवाई नहीं की। मजबूरन उसे शाम को एसपी (सिटी) के सामने पेश होना पड़ा। जगन्नाथ ने एसपी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
चालक संतोष और उसके परिवार की ओर से दूसरे दिन रिपोर्ट लिखाने के लिए कोई भी कोतवाली नहीं पहुंचा लेकिन थानाध्यक्ष मुजरिया सत्यप्रकाश सिंह का कहना है कि घटना की शुरुआत उझानी बाइपास से हुई है। ऐसे में उझानी पुलिस को ही रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। दो थानों के बीच घटनास्थल और घटना की शुरुआत को लेकर फंसे पेंच से उबरने के लिए फिलहाल कोशिश नहीं की गई है। इधर, लूट के शिकार संतोष ने बताया कि बाइपास पर महिला के साथ जिन तीन लोगों ने ई-रिक्शा की बुकिंग की, सामने आने पर वह उन्हें पहचान लेगा। रिपोर्ट किसी भी थाने में दर्ज हो लेकिन बदमाश पकड़े जाने चाहिए।