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भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठी भांजी

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शहर में एसएसपी कार्यालय के नजदीक मुख्य डाकघर के सामने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर लाठी भांजती प? - फोटो : BADAUN
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बदायूं। एसएसपी कार्यालय के नजदीक बृहस्पतिवार दोपहर प्रदर्शन के दौरान गालीगलौज व धक्का-मुक्की करने पर पुलिस ने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठी भांजीं। उन्हें दौड़ा दौड़ाकर पीटा, इस दौरान कई कार्यकर्ता सड़क पर गिर गए। पुलिस ने 16 कार्यकर्ताओं को मौके से गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
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शहर में एक संविलियन विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ दर्ज मामले में भीम आर्मी के कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को प्रदर्शन करने यहां पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक कुछ दिन पहले बदायूं के एक स्कूल में तैनात अनुसूचित जाति की शिक्षिका ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने एक दिन पहले ट्विटर पर आरोपी की गिरफ्तारी न करने पर पुलिस कार्यालय पर ताला डालने की धमकी देने के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए ट्वीट किया था। कार्यकर्ताओं ने एलान किया था कि वह बृहस्पतिवार को प्रदर्शन के दौरान एसएसपी कार्यालय पर तालाबंदी करेंगे।
इसी के चलते बृहस्पतिवार को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से आंबेडकर पार्क से लेकर पुलिस कार्यालय तक पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई थी। दोपहर करीब एक बजे भीम आर्मी के 50-60 कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए मुख्य डाकघर के सामने पहुंचे। जानकारी मिलने पर एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव, सीओ सहसवान चंद्रपाल सिंह, सीओ सिटी आलोक मिश्रा और सिटी मजिस्ट्रेट बृजेश कुमार सिंह वहां पहुंच गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्वक ज्ञापन देने को कहा। अधिकारियों ने समझाया कि मामले में कार्रवाई हो चुकी है। इस समय धारा 144 लागू है। बिना वजह विवाद करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे में कार्यकर्ता उग्र हो गए। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए प्रधानाध्यापक को गालियां दीं।
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पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो उन्होंने धक्का मुक्की कर दी। इससे पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठी भांजनी शुरू कर दीं, जिससे उनमें भगदड़ मच गई। इसके बाद पुलिस वालों ने उन्हें उन्हें दौड़ा- दौड़ाकर पीटा। बाद में 16 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें सिविल लाइंस थाने के लॉकअप में बंद कर दिया गया। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
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भीम आर्मी के इन कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुआ मामला
बदायूं। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने एसआई जब्बार अली की ओर से भीम आर्मी के 19 कार्यकर्ता नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें बरेली के इज्जतनगर के तुलाशेर निवासी अजय कुमार, फैजगंज बेहटा के मन्नूनगर निवासी प्रदीप कुमार, पंकज दिवाकर, बरेली के नरियावल निवासी आकाश, इस्लामनगर के एत्मादपुर निवासी वंशीधर सागर, सिविल लाइंस क्षेत्र की बुद्घविहार कॉलोनी निवासी प्रताप सिंह, पीलीभीत में बीसलपुर के गांव जासपुर निवासी राजाराम माथुर, इस्लामनगर के भुसाया निवासी विमल कुमार, रोहित, फैजगंज बेहटा के ढोरनपुर निवासी वीरेश, दातागंज के सिकोरा निवासी धीरेंद्र, सचिन, वौरा निवासी आकाश बाबू, फैजगंज बेहटा के नूरनगर कौड़िया निवासी शिवाराव, बिसौली के कोट निवासी रायसिंह, भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष बरेली के सुभाष नगर में श्रीपति स्टेट कॉलोनी निवासी विकास बाबू, भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष समीर सागर, जिलाध्यक्ष आवास विकास निवासी प्रताप सिंह, बिनावर निवासी आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष तमीउद्दीन उर्फ बाबू के अलावा 20 अज्ञात लोग शामिल हैं।
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यह कार्यकर्ता भेजे गए जेल
थाना पुलिस ने बरेली के अजय कुमार, फैजगंज बेहटा के प्रदीप कुमार, पंकज दिवाकर, बरेली के आकाश, इस्लामनगर के वंशीधर सागर, सिविल लाइंस क्षेत्र के प्रताप सिंह, पीलीभीत के राजाराम माथुर, इस्लामनगर के विमल कुमार, रोहित, फैजगंज बेहटा के वीरेश, दातागंज के धीरेंद्र, सचिन, आकाश बाबू, फैजगंज बेहटा के शिवाराव, बिसौली के रायसिंह और भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष विकास बाबू को जेल भेज दिया है।
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पहले से ही किए जा रहे थे आपत्तिजनक ट्वीट, मंडल अध्यक्ष के आने पर लग चुकी थी रोक
बदायूं। बृहस्पतिवार को प्रदर्शन से पहले ही भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष विकास बाबू कई दिनों से अनुसूचित जाति की शिक्षिका को लेकर ट्वीट कर रहे थे। इसको देखते हुए पुलिस प्रशासन मंडल अध्यक्ष के बदायूं आने पर प्रतिबंध लगा चुका था। इसके बावजूद बदायूं आकर प्रदर्शन किया गया। यहां बता दें ट्वीट को लेकर पुलिस ने एक दिन पहले रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद भी ट्वीट किया गया कि अगर कार्यकर्ता नहीं छोड़े तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।
एसपी सिटी अमित किशोर के मुताबिक शिक्षिका के मामले की जांच सीओ सिटी कर रहे हैं। इसमें कार्रवाई पूरी हो चुकी है। चार्जशीट भी तैयार हो गई है। उसे केवल कोर्ट में पेश किया जाएगा। पिछले कई दिन से भीम आर्मी के बरेली मंडल के अध्यक्ष विकास बाबू ट्वीट कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई आपत्तिजनक बातें कीं। एसएसपी कार्यालय पर ताला डालने तक की धमकी दी। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में एक एफआईआर दर्ज है। एसपी सिटी के अनुसार, डीएम दीपा रंजन ने मामले को संज्ञान लेकर विकास बाबू के बरेली से बदायूं आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिले में धारा 144 लागू कर दी गई। इसके बावजूद पुलिस कार्यालय आने और गालीगलौज, पुलिस कर्मियों से धक्कामुक्की की गई जबकि पुलिस शिक्षिका के मामले में पहले ही कार्रवाई कर चुकी थी। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को समझाया भी गया था लेकिन वे नहीं माने।
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शिक्षिका ने कहा-नहीं भेजी भीम आर्मी
एसपी सिटी अमित किशोर के मुताबिक भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जिस शिक्षिका के मामले को लेकर कानून तोड़ा, उसने खुद कहा कि उसने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को नहीं बुलाया और न ही प्रदर्शन करने को कहा। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोककर मोबाइल पर बात की। सभी कार्यकर्ताओं को सुनाया भी, इसके बावजूद इतना हंगामा किया गया।
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भीम आर्मी के विकास पर तीन लाख रुपये ठगी का आरोप
भीम आर्मी के प्रदर्शन के बाद उझानी निवासी सोमवीर एसएसपी कार्यालय पहुंचे। सोमवीर ने एसएसपी को बताया कि बरेली मंडल के अध्यक्ष विकास बाबू उससे तीन लाख रुपये की ठगी कर चुका है। इसका उसके पास प्रमाण है। विकास बाबू का वीडियो है। उसने एसएसपी को वीडियो भी दिखाया। जिस पर उन्होंने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। सोमवीर ने पुलिस को तहरीर दे दी है।
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भीम आर्मी के कार्यकर्ता शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने पहुंचे थे। हमारी मांग थी कि प्रधानाध्यापक को निलंबित किया जाए, उसे गिरफ्तार किया जाए। सहसवान के सीओ ने पहले धक्कामुक्की की। फिर लाठी मारकर पीटा गया। हमारे 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अगर उन्हें नहीं छोड़ा गया तो राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन होगा।
- समीर सागर, पूर्व जिलाध्यक्ष भीम आर्मी
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भीम आर्मी के विकास बाबू ने ट्विटर पर कई धमकी भरे ट्वीट किए थे। पुलिस कार्यालय पर तालाबंदी करने की धमकी दी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की की। यह अराजकता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ज्ञापन देना था तो शांतिपूर्वक देते, लेकिन ऐसा नहीं किया। इसलिए प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की गई। 16 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
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- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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