बदायूं। एसएसपी कार्यालय परिसर में किसान के आत्मदाह करने के मामले में नामजद आठ आरोपियों के खिलाफ उसके बेटे अमरजीत ने एक और मामला दर्ज कराया है। उसका आरोप है कि सभी आरोपी जमानत के बाद गांव में खुलेआम घूमकर उसके परिवार को धमकी दे रहे हैं। उसपर फैसला करने का दबाव बना रहे हैं।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर निवासी अमरजीत के मुताबिक उसके गांव के रामेश्वर दयाल, ओमेंद्र पाल, रामऔतार, रामेंद्र, श्रीराम, विवेक कुमार, देवेंद्र और ओमवीर ने उसकी गेहूं की फसल जला दी थी। इसकी शिकायत पर आरोपियों ने उसके और उसके परिवार वालों के साथ मारपीट की थी और उल्टा उसके परिवार के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करा दी थी। हालांकि पुलिस ने उसकी ओर से भी मामला दर्ज किया था लेकिन उस पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया गया। उसके परिवार का उत्पीड़न किया गया। उसके परिवार ने थाने के कई चक्कर लगाए लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। हारकर उसके पिता ने पुलिस का विरोध जताते हुए एसएसपी कार्यालय परिसर में पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लिया। तब पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई की और उन्हें जेल भेज दिया।
अमरजीत का आरोप है कि अब सभी आरोपियों की जमानत हो चुकी है। सभी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं। उस पर और उसके परिवार वालों पर फैसले का दबाव बनाया जा रहा है। उसके परिवार को धमकी दी जा रही है। आठ-दस दिन पहले उसकी मौसी कन्यावती पत्नी राकेश निवासी ग्राम जखेली अलापुर से भी फैसला कराने को कहा था। फैसला न करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने अमरजीत की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
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चार्जशीट लगा चुकी है एसआईटी
किसान के एसएसपी कार्यालय में आत्मदाह करने के मामले में एसआईटी विवेचना कर रही थी। शुरुआत में आरोपियों ने किसान और किसान ने आरोपियों पर एफआईआर कराई थी। उसके आत्मदाह करने के बाद उसके परिवार वालों ने आरोपियों पर आत्मदाह करने को उकसाने के आरोप में मामला दर्ज कराया। तीनों मामलों की विवेचना एसआईटी ने की थी। इसमें आरोपियों की ओर से दर्ज मामले में एफआर लगा दी गई जबकि किसान व उसके परिवार वालों ने दर्ज कराए कराए मामले में चार्जशीट लगा दी है।
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यह था प्रकरण
यह मामला 18 मई का है। उस दिन ग्राम रसूलपुर निवासी किशनपाल ने एसएसपी कार्यालय में आकर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। देर रात उसकी बरेली में मौत हो गई थी। उसके परिवार वालों का कहना था कि नामजद आरोपियों ने उसकी गेहूं की फसल में आग लगा दी थी लेकिन पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। उन पर गेहूं में आग लगाने की धारा नहीं बढ़ाई गई थी। इससे किसान के परिवार वाले परेशान थे। आरोपी लगातार उसका उत्पीड़न कर रहे थे। पुलिस भी उन्हें परेशान कर रही थी। इससे किशनपाल ने आत्मदाह कर लिया। इसमें एसएसपी ने पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित किया था।
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तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। इसकी विवेचना कराई जा रही है। विवेचना में जो सच्चाई निकलकर सामने आएगी। उसके अनुसार आगे कार्रवाई होगी।
- आलोक मिश्रा, सीओ सिटी