बदायूं/ओरछी। साइबर ठगों ने ठगी का नया फॉर्मूला निकाल लिया है। अब वह रिश्तेदार बनकर लोगों को कॉल कर रहे हैं और उन्हें रिश्तेदार का एक्सीडेंट बताकर ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इसी तरह फैजगंज बेहटा में महिलाओं को ठगने की कोशिश भी की गई लेकिन उसने समझदारी से काम लिया और ठगने से बच गई।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव परमानंदपुर निवासी रीमा पत्नी संजीव के मोबाइल पर एक दिन पहले कॉल आई। कॉल करने वाला हड़बड़ाता हुआ बोला कि संजीव की मौसी का एक्सीडेंट हो गया है, मैं उसका मौसा ओमकार बोल रहा हूं। चंदौसी और मुरादाबाद के अस्पतालों में उसे मना कर दिया गया है। इसलिए मैं उसे दिल्ली एक अस्पताल में लेकर आया हूं। डॉक्टर ने ऑपरेशन बोल दिया है। इसके लिए बीस हजार रुपये कम पड़ रहे हैं। मैंने घर वालों को कॉल कर दी है। वह रुपये लेकर आ रहे हैं। तब तक के लिए आप बीस हजार रुपये गूगल पे कर दो। यह सुनकर रीमा घबरा गई। उसने बताया कि मैं घर पर अकेली हूं। मेरी सास बाहर हैं। वह आएंगी तभी रुपये ट्रांसफर कर सकेगी। ठग ने रीमा की सास भगवानदेई का नंबर भी लिया, बाद में यहीं बात उन्हें भी बताई। पहले तो वह भी घबरा गईं। उन्होंने कह दिया कि अभी गूगल पे करा रहे हैं और कॉल काट दी। तभी भगवानदेई ने अपनी बहन के बेटे सुमित को कॉल की। जब उससे बातचीत हुई तो उसने बताया कि उसकी मां आरती बिल्कुल ठीक हैं, वह घर पर हैं। भगवानदेई ने सच्चाई जानने के लिए अपनी बहन से बात कराने को कहा। तो सुमित ने अपनी मां से बात कराई।
उन्होंने पूरी जानकारी कर दोबारा ठग के नंबर पर कॉल की। तब भी उसने आरती के एक्सीडेंट की बात कही। जब उन्होंने कहा कि वह सब सच्चाई जान चुकी हैं। इस संबंध में पुलिस से शिकायत करेंगी, तो उसने कॉल कट कर दी। अब भगवानदेई ने थाने जाकर इस संबंध में तहरीर दे दी है।