उझानी (बदायूं)। क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड के प्रभारी सचिव रहे रमेश सिंह किसानों के ऋण की रकम में धोखाधड़ी करने के मामले में फंस गए हैं। कई साल पुराने मामले में सहायक विकास अधिकारी ने जांच की तो करीब पांच लाख रुपये का गड़बड़झाला सामने आया। सहायक विकास अधिकारी ने रमेश के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि तत्कालीन सचिव रमेश सिंह ने उस समय कोतवाली क्षेत्र के गांव कोतलनगला निवासी 20 किसानों को प्रबंध कमेटी की बिना अनुमति के सदस्य बना दिया। सभी के नाम 8.60 लाख रुपये का लोन कर दिया गया। 2.69 लाख रुपये तो किसानों को नकद दे दिए गए। 85 हजार रुपये का अंशदान जमा कराकर बाकी के करीब पांच लाख रुपये का उन्होंने गबन कर लिया। किसानों की शिकायत पर तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी ने जांच की। जांच में गोलमाल सामने आने पर विभागीय अफसरों को भी अवगत करा दिया गया।
तत्कालीन सचिव के खिलाफ एक मामले में कार्रवाई हुई तो उन्हें सेवामुक्त कर दिया गया। इधर, सहायक विकास अधिकारी जयंत सिंह ने दो दिन पहले कोतवाली पुलिस को विभागीय स्तर की जांच से अवगत कराया। प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि सेवानिवृत्त प्रभारी सचिव रमेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।