बदायूं। एसएसपी कार्यालय में किसान के आत्मदाह करने के मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों के खिलाफ एसआईटी ने चार्जशीट लगा दी है। नामजद आरोपियों पर फसल में आग लगाने, किसान के साथ मारपीट करने और बाद में आत्महत्या के लिए उकसाने का चार्ज लगाया गया है, जबकि आरोपियों की ओर से दर्ज मामले में एफआर लगा दी गई है।
मामला 18 मई का है। उस दिन सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर निवासी किसान किशनपाल ने एसएसपी कार्यालय आकर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। इससे पुलिस कार्यालय में अफरातफरी मच गई थी। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने उसे तुरंत जिला अस्पताल भेजा था जहां से उसे बरेली रेफर कर दिया गया लेकिन रात में उसकी मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप था कि गांव के रामऔतार, रामेश्वर, ओमेंद्र, रामेंद्र, श्रीराम, विवेक, ओमवीर और देवेंद्र आदि ने उसकी गेहूं की फसल में आग लगा दी थी। कहासुनी पर आरोपियों ने परिवार वालों के साथ मारपीट की। इससे उनके गंभीर चोटें आईं थीं।
इस संबंध में किसान ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी लेकिन दूसरे दिन आरोपियों ने भी किसान और उसके परिवार वालों पर रिपोर्ट लिखा दी थी। इस मामले में परिवार वालों ने वर्तमान और पूर्व चौकी इंचार्ज पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था, तो वहीं नामजद आरोपी भी लगातार उनका उत्पीड़न कर रहे थे। जब उनकी नहीं सुनी गई तो किसान ने एसएसपी कार्यालय में आकर आत्मदाह कर लिया। बाद में सभी आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई।
एसएसपी ने इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी, मंडी चौकी इंचार्ज राहुल पुंडीर, तत्कालीन चौकी इंचार्ज अशोक कुमार, सिपाही अशीष कुमार और मनोज कुमार को निलंबित कर दिया था। इस मामले की विवेचना एसआईटी कर रही थी। अब इसकी विवेचना पूरी हो गई है।
एसआईटी ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है। सभी आरोपियों पर खेत में आग लगाने, मारपीट, गालीगलौज और आत्महत्या को उकसाने का चार्ज लगाया गया है। यह चार्जशीट एक-दो दिन में न्यायालय में दाखिल कर दी जाएगी।
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तत्कालीन चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों पर हो सकती है कार्रवाई
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने विभागीय जांच एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा को सौंपी थी। अब उनकी जांच भी पूरी हो चुकी है। इस प्रकरण में किसान के बेटे अमरजीत ने सभी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई न कराने के संबंध में एक शपथ पत्र दिया था लेकिन एसएसपी ने कहा था कि जो पुलिस कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ फिर भी कार्रवाई होगी। भले ही इस मामले में किसान के बेटे ने उन्हें क्षमा कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि तत्कालीन चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों पर भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
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आरोपियों ने ही लगाई थी फसल में थी आग, बाद में बढ़ाई गई धारा
किसान के आत्मदाह प्रकरण में फसल में आग लगाने को लेकर भी खूब गहमागहमी रही। शुरुआत में पुलिस ने आरोपियों पर फसल में आग लगाने की धारा ही नहीं लगाई। जब यह मामला एसआईटी के हाथ में आया, तब आरोपियों पर यह धारा बढ़ाई गई। एसआईटी की विवेचना में यह पाया गया है कि आरोपियों ने ही खेत में आग लगाई थी।
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किसान के आत्मदाह करने के मामले की विवेचना एसआईटी कर रही थी। अब यह विवेचना पूरी हो गई है। एसआईटी ने इसमें चार्जशीट लगा दी है। इसमें सभी आरोपियों पर आत्महत्या को उकसाने, मारपीट-गालीगलौज और फसल में आग लगाने का चार्ज लगाया गया है।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी