बदायूं। कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव कल्लिया काजमपुर से अगवा छह माह के आयुष को एक फिर तलाश करना पड़ेगा। अब तक थाना पुलिस दावा कर रही थी कि हाथरस जिले में मिला बालक आयुष है। बालक और आयुष के माता पिता का डीएनए जांच कराने के लिए सैंपल भेजा गया था। उसकी रिपोर्ट आ गई है, रिपोर्ट में डीएनए मिलान नहीं हुआ है।
तीन अक्तूबर की रात कल्लिया काजमपुर गांव से छह माह के आयुष को अपहरण कर लिया गया था। उस रात आयुष अपनी मां कन्यावती के साथ चारपाई पर सो रहा था। उनके बराबर में पिता नेम सिंह चारपाई पर सो रहे थे। रात 12 बजे अचानक कन्यावती की आंख खुली। तब उन्होंने आयुष को चारपाई से गायब देखा। इसकी तुरंत थाना पुलिस को सूचना दी गई। जिस पर पुलिस ने बालक को तलाश करना शुरू कर दिया। इसमें पुलिस ने तमाम लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी लेकिन उसका नतीजा कुछ नहीं निकला।
इधर, 10 अक्तूबर को हाथरस जिले में एक बालक बैग में पड़ा मिला था। थाना पुलिस ने दावा किया था कि वह बालक दंपती का आयुष है। नेम सिंह और उनकी पत्नी उस बालक को अपना होने से इनकार कर रहे थे। पुलिस के कहने पर उन्होंने अपना डीएनए सैंपल जांच को दिया था। हाथरस में बालक का सैंपल लिया गया था। तब से बालक की खोजबीन नहीं हो रही थी।
शुक्रवार को बालक और दंपती की डीएनए रिपोर्ट आ गई। रिपोर्ट में उनका डीएनए मिलान नहीं हुआ है। इससे माना जा रहा है कि हाथरस जिले में मिला बालक आयुष नहीं था। आयुष को कोई अपहरण करके ले गया है। उसका अब तक कोई सुराग नहीं लगा है।
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परिवार का आरोप : खोजबीन से बचना चाहती है पुलिस
कल्लिया काजमपुर निवासी नेम सिंह और कन्यावती ने उसी समय कह दिया था कि हाथरस जिले में मिला बालक उनका नहीं है। इसके बावजूद उनका डीएनए सैंपल भेजा गया था। उसके बाद पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठ गई। बालक की खोजबीन भी बंद कर दी। अब पुलिस दंपती का डीएनए सैंपल दोबारा भेजने की बात कर रही है। इससे माना जा रहा है कि पुलिस मामले को टालना चाहती है। आयुष को तलाश करना नहीं चाहती।
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हाथरस जिले में मिला बालक और कल्लिया काजमपुर के दंपती की डीएनए रिपोर्ट आ गई है। उनका डीएनए मिलान नहीं हुआ है। परिवार वाले चाहें तो दोबारा अपना सैंपल भेज सकते हैं।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी