बदायूं। उझानी में व्यापारियों द्वारा दूध में की जा रही मिलावट उन पर भारी पड़ गई। इनके खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट(द्वितीय) ने फैसला सुनाते हुए दो व्यापारियों को 10-10 माह की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा काफी पुराना है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को मिलावट की सूचना मिली तो टीम के सदस्यों ने उझानी में छापेमारी की। संदिग्ध मिलने पर कई दुकानों से सैंपल भरे गए। इनको जांच के लिए लखनऊ लैब के लिए भेज दिया। वहां से मिली रिपोर्ट में दो व्यापारियों के नमूने अपमिश्रित पाए गए। इसके बाद में विभागीय अधिकारियों ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट(द्वितीय) के यहां पर मुकदमा दायर किया। तब से लगातार चले आ रहे मुकदमे में शुक्रवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। अभिहीत अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि इसमें संजरपुर निवासी मेघ सिंह और नारायण लाल को दोषी पाते हुए कोर्ट ने उन दोनों को 10-10 माह की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माना(अर्थदंड) डाला।