23 जुलाई को लापता हुए नितेश की हत्या उसके दो ताऊओं ने की थी। नितेश के पिता से चल रहे जमीनी विवाद के चलते दोनों ने नल के हत्थे से मासूम के सिर पर प्रहार कर उसे मार डाला था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव सिरसा निवासी सोरन सिंह का 14 साल का बेटा नितेश 23 जुलाई को लापता हो गया था। परिजन न इसकी सूचना पुलिस को दी। 25 जुलाई को पुलिस ने अपहरण की धारा में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। 26 जुलाई को अपहृत नितेश का शव सिरसा के जंगल में झाड़ियों से बरामद हुआ। जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में धारदार हथियार मारकर हत्या होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा तरमीम कर छानबीन शुरू कर दी। छानबीन के दौरान पता चला कि सिरसा गांव के ही अमर सिंह व उसके भाई रमेश की सोरन से रंजिश चल रही है। दोनों रिश्तेदार हैं। शनिवार को पुलिस ने सैजनी तिराहे के पास से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
रमेश ने बताया कि नीतेश उसके चचेरे भाई सोरन का लड़का था। दोनों नीतेश के सगे चचेरे ताऊ लगते थे। रमेश ने बताया सोरन से उसका जमीनी विवाद चल रहा है। काफी समय पहले सोरन की झोपड़ी में आग लग गयी थी। इसमें सोरन की भैंस मर गयी थी इसका आरोप सोरन ने रमेश व उसके परिवार वालों पर लगाया था। सोरन गांव से भाग जाए और उसकी जमीन मिल जाए। इसी वजह से उसके पुत्र नितेश की नल का हत्था मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त किया गया नल का हत्था भी बरामद कर लिया है।