बदायूं। करीब चार साल पहले किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में नामजद एक व्यक्ति को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय डॉ. मोहम्मद इलियास ने मुजरिम ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना जरीफनगर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी और उसकी पत्नी अपनी रिश्तेदारी में गए थे। इसी दौरान 24 जनवरी 2019 की रात में थाना जरीफनगर क्षेत्र निवासी राजेश, ऋषिपाल और धनपाल उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गए। वादी अपनी पुत्री के बारे में राजेश के घर पता करने पहुंचा तो उसकी पत्नी ने कहा कि राजेश उसकी लड़की को ले गया है।
पुलिस ने राजेश, ऋषिपाल और धनपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने विवेचना के बाद राजेश के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस ने आरोपी ऋषिपाल और धनपाल की नामजदगी झूठी पाई।
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय डॉ मोहम्मद इलियास ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप भारती, चंद्रप्रताप सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने नामजद आरोपी राजेश को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।