बदायूं। राज्य सूचना आयोग लखनऊ ने ब्लॉक आसफपुर और उझानी के ग्राम पंचायत सचिव को वांछित सूचना न देने के खिलाफ दायर अपील में दोनों सचिवों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना डालने का आदेश दिया है। इधर, आयोग के आदेश के अनुपालन में डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने ग्राम पंचायत सचिव अशोक कुमार सिंह और राज नारायण सिंह के वेतन से प्रतिमाह 7500 रुपये की वसूली का आदेश जारी किया है।
आवेदक राजवीर सिंह ने आसफपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत हरदासपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी राजनारायण सिंह से सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगी थी पर सचिव ने सूचना उपलब्ध नहीं कराई। इस पर आवेदक ने राज्य सूचना आयोग में अपील की। राज्य सूचना आयोग ने राजनारायण सिंह को आयोग में उपस्थित होने के लिए कई अवसर दिए, लेकिन उन्होंने आयोग के आदेशों को तवज्जो नहीं दी। इस पर आयोग ने राजनारायण सिंह को दोषी मानते हुए उनके वेतन से 25 हजार रुपये वसूली करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा उझानी विकास खंड के गांव रहमुद्दीन नगर के गजराज ने सचिव अशोक कुमार सिंह के खिलाफ आयोग में अपील दायर की थी। अशोक कुमार सिंह ने भी आयोग के आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया। आयोग ने अशोक कुमार सिंह को भ्रामक तथ्य प्रस्तुत करने का दोषी मानते हुए उनके वेतन से भी 25 हजार रुपये वसूली करने का आदेश जारी किया है।
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आरटीआई का जवाब नहीं देने पर सचिवों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना पड़ा है। यह जुर्माना राज्य सूचना आयोग की ओर से डाला गया है। सचिवों के वेतन से इसकी वसूली कर सूचना राज्य सूचना आयोग को भेजी जाएगी।
-श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ