बदायूं। आठ साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में नामजद एक आरोपी को जिला सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद ने दोषी ठहराते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना उझानी के गांव गठौना निवासी मनोज पुत्र शिशुपाल सिंह ने 13 फरवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी के पड़ोस में रहने वाले उसके तहेरे भाई भूरे पुत्र अतिपाल सिंह से ट्यूबवेल के कब्जे को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी। घटना वाले दिन वादी शाम छह बजे अपने दरवाजे पर बैठा था, तभी भूरे उसके साथ गाली-गलौज करने लगा। शोर पर वादी का भाई सत्येंद्र और भाभी ममता भी आ गये। सभी ने गाली देने को मना किया तो भूरे ने तमंचे से मनोज के ऊपर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया, जिससे मनोज गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद भूरे के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद ने अभियोजन की ओर से डीजीसी फौजदारी अनिल सिंह राठौर तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बटहस को सुना। कोर्ट ने जानलेवा हमले में नामजद भूरे को दोषी ठहराते हुए सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।