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नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म में दो को 20-20 साल की सजा

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बदायूं। साढ़े पांच साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने दो नामजद आरोपियों को मुजरिम ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों मुजरिमों पर 27-27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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थाना बिनावर क्षेत्र के गांव निवासी एक व्यक्ति ने 19 फरवरी 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी नाबालिग पुत्री और भतीजी शाम को शौच के लिए जंगल में गई थी। काफी देर तक दोनों लड़कियां वापस घर नहीं आई। वादी और उसके भाई ने अपनी पुत्रियों को काफी तलाश किया लेकिन कोई पता नहीं चला। वादी ने थाना बिनावर के दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी, वीरेंद्र सिंह वर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए दोनों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही दोनों मुजरिमों पर 54 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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इस मामले में एक पीड़िता ने मुजरिम के साथ शादी कर ली थी। वह कोर्ट में अपने बयानों से मुकर गई थी, जबकि उसकी दूसरी चचेरी बहन ने मुजरिमों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। कोर्ट ने इसी आधार पर दोनों को सजा सुनाई है। -अमोल जौहरी, विशेष लोक अभियोजक, पॉक्सो कोर्ट
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