ज्यादातर स्कूलों में नहीं पहुंचीं किताबें, शिक्षकों ने कलम की जगह थमा दी झाड़ू
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। छुट्टियां खत्म होने के बाद परिषदीय स्कूलों में नया सत्र सोमवार से शुरू हो गया। स्कूल खुलने से पहले ही साफ-सफाई कराने की जिम्मेदारी शिक्षकों की थी, लेकिन कहीं भी सफाई नहीं कराई गई। स्कूल खुले तो छात्र-छात्राओं के हाथों में कलम की जगह झाड़ू थमा दी गई। अमर उजाला की टीम ने स्कूलों का जायजा लिया तो ज्यादातर में किताबें न पहुंचने की बात सामने आई।
नए शैक्षिक सत्र के पहलेे दिन पुलिस लाइन स्थिति परिषदीय स्कूल में सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर कुछ छात्र-छात्राएं परिसर में घूमते मिले। दो छात्राएं स्कूल परिसर में झाडू लगा रही थीं। शिक्षक और शिक्षिकाएं बरामदे में बैठकर बातें कर रही थीं। इस विद्यालय से चंद कदम की दूरी पर ही बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक का कार्यालय है।
उधर, सुबह आठ बजकर 18 मिनट तक प्राथमिक विद्यालय पटियाली सराय में शिक्षक-शिक्षिकाएं नहीं पहुंचीं, हालांकि स्कूल समय पर खुल गया। कुछ छात्र-छात्राएं कक्ष में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। सुबह आठ बजकर 25 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय कबूलपुर में 20 छात्र-छात्राएं बैठे मिले। कुछ देर बाद एआरपी कामेंद्र शर्मा पहुंचे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को किताबों का वितरण कराया।
कछला।
नगर के वार्ड नंबर एक में स्थित प्राथमिक विद्यालय में 83 बच्चे पंजीकृत थे। इनमें से केवल चार-पांच बच्चे ही स्कूल पहुंचे। विद्यालय में दोपहर डेढ़ बजे तक पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी थी। प्रधानाध्यापक जाहिद ने बताया कि एक अध्यापक छुट्टी पर हैं। किताबें अभी स्कूल में नहीं आईं हैं।
वजीरगंज।
प्राथमिक विद्यालय में पहले दिन कक्षा दो से पांच तक के 184 में से 80 छात्र-छात्राएं आए। हालांकि पढ़ाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई, क्योंकि किसी भी छात्र-छात्राओं को अभी तक किताबों का भी वितरण नहीं हो सका। ऐसे में बिना किताबों के पहले दिन स्कूलों में पढ़ाई हुई।