बदायूं। सीमावर्ती जिलों में कोरोना के मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से निपटने के लिए सबसे पहले जांच का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके लिए सभी सीएचसी पर 50 हजार एंटीजन किट भेजीं हैं ताकि खांसी, जुकाम के मरीजों की भी कोरोना जांच हो सके।
कोरोना काल में जिले में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 1.21 प्रतिशत था। दूसरी लहर में जांच का दायरा बढ़ाकर दो से तीन हजार प्रतिदिन कर दिया गया। जांच के लिए कोरोना प्रभावित गांवों में कैंप भी लगाए गए थे। 10 महीने पहले कोरोना का अंतिम मरीज स्वस्थ हो जाने के बाद जिला कोरोना मुक्त घोषित हो गया था।
इसके बाद से अब तक कोरोना का कोई केस सामने नहीं आया है। मगर, कोरोना की टेस्टिंग लगातार चलती रही। हालांकि कोरोना थमा तो जांच की संख्या भी कम हो गई। मगर, अब कोरोना संकट मंडराने से एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग ज्यादा से ज्यादा जांचें कराने पर जोर दे रहा है।
शहर में इन स्थानों पर हो रही कोरोना की जांच
- गांधी आई हॉस्पिटल - समय - सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक
- रोडवेज बस स्टैंड- समय - सुबह आठ से रात 11 बजे तक
- रेलवे स्टेशन- समय-सुबह दस से शाम चार बजे तक
- जिला अस्पताल-समय- सुबह दस से शाम पांच बजे तक
- जिला महिला अस्पताल- समय-सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक
फैक्ट फाइल
- जिले में कोरोना काल में निकले संक्रमितों की संख्या-18394
- मंगलवार को जिले में हुई कुल जांचें -1250
- एंटीजन किट से जांच - 728
- आरटीपीसीआर से जांच - 522
वैक्सीन न होने से रुका टीकाकरण
- कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन काफी समय पहले ही खत्म हो चुकी है। अब कोरोना संकट मंडराने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन नहीं मंगवा पा रहा है। वैक्सीन खत्म होने से किसी को दूसरी तो किसी को तीसरी डोज नहीं लग पा रही है। कुछ प्रतिशत लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने पहली डोज ही नहीं लगवाई है, अब कोरोना का संकट मंडराने से वह भी टीका लगवाने के लिए केंद्र पर पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां वैक्सीन ही नहीं है।
- कोरोना का संकट देखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों में इंतजाम दुरुस्त किए जा रहे हैं। सभी सीएचसी पर बड़ी संख्या में एंटीजन किट भेजी गई हैं। निर्देश दिए गए हैं कि खांसी, जुकाम, बुखार वाले मरीज ओपीडी में आएं तो उनकी कोरोना की जांच भी की जाए। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ