बदायूं के अलापुर थाने में तैनात सिपाही गौरव कुमार ने अपने कमरे में पंखे से लटकर खुदकुशी कर ली। वह अलापुर में रक्षपाल गुप्ता के घर में परिवार सहित रहता था। पत्नी उमा होली से करीब आठ दिन पहले घर चली गई थी।
बदायूं के अलापुर थाने में तैनात सिपाही गौरव कुमार ने किराए के अपने कमरे में पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। एसपी सिटी के मुताबिक सुसाइड नोट में गौरव ने खुद को ही अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।
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मूलरूप से मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव लछेड़ा निवासी गौरव वर्ष 2020 बैच के सिपाही थे। नौ मार्च 2021 को उनकी तैनाती अलापुर थाने में हुई थी। उन्होंने कस्बे में ही रक्षपाल गुप्ता के घर में किराये पर कमरा ले लिया था। पत्नी उमा भी साथ रहती थीं। उमा होली से आठ दिन पहले घर चली गईं। गौरव भी दो से चार मार्च तक छुट्टी पर रहने के बाद पांच मार्च को वापस आ गए थे।
पत्नी से हुआ था विवाद
बताया जाता है कि बुधवार को फोन पर पत्नी से विवाद हो गया था। उन्होंने गुस्से में कॉल काट दी। इसके बाद पत्नी ने कई बार कॉल की। फोन रिसीव नहीं हुआ तो पत्नी ने साथी सिपाही अंकित कपासिया को फोन करके गौरव से बात कराने को कहा। अंकित ने वहां पहुंचकर गौरव को आवाज लगाई। जवाब न आने पर रोशनदान से झांककर देखा तो गौरव का शव पंखे से लटका हुआ था। सूचना पर एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एक साल पहले अवसाद के चलते 55 दिन रहा था गैरहाजिर
सिपाही गौरव कुमार के साथियों ने बताया कि वह पोस्टिंग के कुछ समय बाद से ही अवसाद में चल रहा था। इसके चलते करीब एक साल पूर्व 55 दिन गैरहाजिर भी रहा था। इसके बाद उसने मकान किराए पर लिया और उसकी पत्नी भी यहां आ गई तो कुछ समय के लिए उसकी स्थिति सामान्य हो गई। मगर, तीन महीने से वह फिर से पुरानी स्थिति में पहुंच गया।
इंस्पेक्टर हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें पुलिस कर्मियों ने बताया कि गौरव काफी अवसाद में है। इसके बाद उन्होंने उससे प्रार्थना पत्र लेकर छुट्टी पर भेजा था। उन्होंने गौरव के पिता से कहा था कि उसका इलाज कराकर ही भेजना, लेकिन तीन दिन की छुट्टी खत्म होने के बाद ही वह थाने आ गया था। उसने होली पर अपने साथियों के साथ रंग खेला था और जमकर डांस किया था।
सिपाही गौरव के साथी पुलिस कर्मियों ने बताया कि रोज की तरह वह सुबह थाने आया और डाक देखकर चला गया। करीब साढ़े नौ बजे उसने पत्नी से भी फोन पर बात की थी। उसके बाद से ही उसका फोन नहीं उठा था।
मकान मालिक राम रक्षपाल गुप्ता ने बताया कि सिपाही गौरव और उसकी पत्नी उमा के बीच कई दिनों से विवाद चल रहा था। चार दिन पूर्व भी शाम के समय दोनों की फोन पर नोकझोंक हुई थी, जिसके बाद गौरव ने गुस्से में अपना फोन जमीन पर पटक दिया था। इतना ही नहीं, कल भी फोन पर बात करते समय सिपाही ने गुस्से में बर्तन फेंक दिए थे।
एक महीने पहले करीबियों के समझाने पर आई थी पत्नी
मकान मालिक की पत्नी ने बताया कि उन्हें गौरव की पत्नी उमा ने बताया कि एक माह पूर्व करीबियों के समझाने पर वह यहां आई थी। बताया की सास-बहू के बीच विवाद रहता था। इस वजह से उमा ससुराल जाना नहीं चाहती थी।