बदायूं। कोतवाली क्षेत्र में दो युवकों ने पुलिसकर्मी बनकर महाविद्यालय की लिपिक से टप्पेबाजी की घटना को अंजाम दिया। ई-रिक्शा पर बैठकर जा रही महिला क्लर्क को रोक लिया। दोनों युवकों ने अपने आप को पुलिसकर्मी बताया। लिपिक ने पहन रखी सोने की चार चूड़ी और अंगूठी उतरवा ली। एक कागज दिया और उसमें जेवरात रखवा लिए। बाद में दोनों ठग लिपिक को पीली धातु की नकली जेवरात देकर भाग गए। कुछ देर बाद जब लिपिक ने कागज को खोलकर देखा तो उसे ठगी की जानकारी हुई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शहर के मोहल्ला कृष्णापुरी निवासी प्रियंका पुत्री जितेंद्र कुमार गिंदो देवी महाविद्यालय में लिपिक के पद पर तैनात हैं। वह शनिवार की सुबह 10 बजे महाविद्यालय जाने के लिए ई-रिक्शा में बैठी थीं। जैसे ही वह मोहल्ला पटियाला में पहुंची तो दो युवक पहुंच गए और ई-रिक्शा रुकवा लिया। उन्होंने खाकी रंग की पैंट पहन रखी थी।
दोनों युवकों ने अपने आप को पुलिसकर्मी बताया। महिला लिपिक को आई कार्ड दिखाया। इसके बाद कहा कि आपको पता नहीं इस समय त्योहारी सीजन चल रहा है। बाजार में भीड़ है और आप जेवरात पहनकर जा रहीं हैं। एक युवक ने कागज लिपिक को दे दिया और कहा इसमें जेवरात रखें। लिपिक जेवरात उतारकर कागज में रखने लगीं तो दोनों युवकों ने उसके हाथ से जेवरात ले लिए। बाद में दूसरा कागज हाथ में थमा दिया।
लिपिक को लगा कि यह वहीं जेवरात है, लेकिन कुछ देर बाद जब उसने कागज खोलकर देखा तो उसमें नकली जेवरात थे। दोनों युवक चार चूड़ी और दो अंगूठी जिनकी कीमत लगभग डेढ़ लाख है उन्हें लेकर फरार हो गए। कोतवाल ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।