बदायूं। कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने 22 सूत्री मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा। उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीय कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रभाकर शर्मा व मंत्री संजीव कुमार ने कहा कि कलक्ट्रेट का नाम बदलकर मिनी सचिवालय रखा जाए।
कलक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के दस प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति दी जाए। राजस्व परिषद के संस्तुति पत्र पर संज्ञान लेते हुए ग्रेड पे 6600 रुपये करने का शासनादेश जारी किया जाए। नवीन पेंशन योजना को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए। पदोन्नति की प्रक्रिया पहले की भांति की जानी चाहिए। मांग की गई कि कलक्ट्रेट में लेखा का काम करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतनमान निर्गत किया जाए। जनपद और तहसीलों पर सृजित अस्थायी पदों को स्थायी किया जाए। नवसृजित जनपदों में ज्येष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व नवसृजित तहसीलों में प्रशासनिक अधिकारी का पद सृजित करने का शासनादेश जारी किया जाए। भूलेख लिपिक को पहले की तरह कलेक्ट्रेट अधिष्ठान में वापस किए जाने का शासनादेश जारी करने समेत कई मांगें की गईं।