जेसीबी से हटाया गया मलबा
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एसडीएम बिसौली ने बताया कि प्रथम दृष्टया पता चला कि बिल्डिंग का जो भी भार था, उसकी सपोर्ट को दीवार के सहारे पिलर नहीं लगाए गए थे। दीवार में ही गर्डर फंसा दिए गए थे। गर्डर सपोर्ट मजबूत सपोर्ट पर टिके होते तो शायद यह हादसा नहीं होता। फिलहाल जो भी कार्रवाई है वह संभल प्रशासन ही करेगा। हम बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं।
तीन थानों का फोर्स और नौ जेसीबी भेजीं
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के बार्डर पर हुए हादसे के बाद स्थानीय प्रशासनिक मौके पर पहुंचा। एसडीएम ज्योति शर्मा ने नौ जेसीबी मलबा हटवाने के लिए मंगवाईं तो सीओ बिसौली पवन कुमार के निर्देश पर इस्लामनगर, फैजगंज बेहटा और बिसौली पुलिस को मदद के लिए लगाया गया।
बझेड़ा गांव के भी मजदूर फंसे
हादसे में देर शाम जब सभी मजदूरों के नामों का मिलान किया गया तो पता चला कि फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव बझेड़ा के भी मजदूर वहां काम कर रहे थे, वह भी दबे हुए हैं। देर शाम तक बझेड़ा निवासी निवासी सोमपाल व नरोत्तम पल्लेदार के नाम सामने आए। इसकी सूचना मिलते ही उनके परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मृतकों में बदायूं जिले के कितने लोग हैं।