दोपहर बाद दो घंटे के लिए धूप निकली। इसने तीन दिन तक सूर्यदेव के दर्शन न होने पर थोड़ी राहत तो दी लेकिन शीत लहर और हाड़ कंपाऊ ठंड बरकरार रही। बुधवार को न्यूनतम तापमान आठ और अधिकतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड से बचने के लिए लोग हर प्रकार के उपाय करते देखे गए।