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Budaun News: बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे सिविल लाइंस इंस्पेक्टर, जांच रिपोर्ट तैयार

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- नायब तहसीलदार से मारपीट के आरोप का मामला
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-एडीएम प्रशासन ने पूरी की जांच, अब सौंपेंगे डीएम को
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। नायब तहसीलदार अमित कुमार से मारपीट के आरोप के मामले में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर तीन नोटिस भेजे जाने के बावजूद अपने बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। इस मामले में अब तक नायब तहसीलदार समेत कई लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। विभागीय जांच कर रहे एडीएम प्रशासन ने सभी पहलुओं पर गौर करते हुए जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्द ही रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
एक दुर्घटना के मामले को लेकर सदर तहसील के नायब तहसीलदार अमित कुमार ने सिविल लाइंस इंस्पेक्टर गौरव विश्नोई और थाना पुलिस पर अपराधियों की तरह थाने लाने और मारपीट का आरोप लगाया था। इस घटना को लेकर जिले के सभी राजस्व अधिकारी हड़ताल पर चले गए थे।
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जिले की सभी तहसीलों के कार्यालय पर ताले डाल दिए गए थे। इस दौरान तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई काम नहीं किया था। लगातार दो दिन तक हड़ताल चलती रही। सदर तहसील में जोरदार प्रदर्शन हुआ था। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर और थाना पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
तहसीलों में कामकाज ठप देखकर अधिकारियों ने जैसे-तैसे कर्मचारियों को शांत कराया। डीएम मनोज कुमार ने इसकी विभागीय जांच एडीएम प्रशासन विजय कुमार सिंह को सौंपी थी।

एडीएम प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। इस मामले में नायब तहसीलदार समेत कई लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर को भी नोटिस भेजा गया था लेकिन वह अपने बयान दर्ज कराने नहीं आए। बाद में उन्हें एक और नोटिस भेजा गया। फिर भी वह एडीएम कार्यालय नहीं पहुंचे। अब एडीएम प्रशासन ने मामले की जांच पूरी कर ली है। एक-दो दिन में इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप देंगे।
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यह था मामला
सात जून 2023 की रात करीब 10:30 बजे इंदिरा नगर निवासी अर्जुन शर्मा अपने छोटे भाई मनोज के घर चित्रांश नगर से लौट रहे थे। उनकी बाइक ओवरब्रिज से कुछ आगे पहुंची थी। तभी सामने से आ रही नायब तहसीलदार अमित कुमार की कार की टक्कर लग गई, जिससे अर्जुन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में चोट आई और हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। उनका आरोप था कि नायब तहसीलदार ने दुर्घटना के बावजूद गालीगलौज की। उन्हें धमकी दी। इस दौरान मौके पर कई लोग मौजूद थे। पुलिस भी पहुंच गई थी। पुलिस ने नायब तहसीलदार का भी मेडिकल कराने की कोशिश की थी। इसी बात को लेकर मामला बिगड़ गया था।
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इस मामले में नायब तहसीलदार समेत कई लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इंस्पेक्टर को भी नोटिस देकर बुलाया गया था लेकिन वह नहीं आए। अब जांच पूरी कर ली गई है। जल्द ही डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
- विजय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन
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