बदायूं। जिले के अधिकारी कठोर निर्देश देते हैं, लेकिन कठोरता से उनका पालन नहीं हो पाता। और तो और जिले की मुखिया यानी डीएम के आदेश भी अधीनस्थ कितना मानते हैं, ये इससे ही पता चल जाता है कि तमाम बार आदेश दिए गए कि सड़कों से अवैध टैक्सी स्टैंड, वाहन आदि हटवाकर व्यवस्था बनवाई जाए, लेकिन किसी पर असर नहीं है। सोमवार और फिर मंगलवार को भी डीएम ने वही बात बैठक में दोहरा दी, लेकिन शाम तक शहर के वही हालात दिखाई दिए।
सोमवार को हुई बैठक में डीएम दीपा रंजन ने सभी ईओ को निर्देशित किया था कि किसी भी हाल में अवैध पार्किंग, टैक्सी स्टैंड, वेंडिंग जोन आदि नहीं चल पाएं। वाहन सड़कों पर खड़े न हों, लेकिन मंगलवार को उनका कोई असर नहीं दिखा। मंगलवार को एक बैठक में फिर निर्देश दिए गए कि दुकानों के आगे या सड़कों पर ठेलों व रेहड़ी लगाकर अतिक्रमण न होने पाए, पर इसका असर भी शाम तक नहीं दिखा।
-
आधी से ज्यादा सड़क पर बाइक पार्किंग, चलें तो चलें कहां
शहर की जो सड़कें चौड़ी भी हैं उन्हें अतिक्रमण ने संकरा कर दिया है। शायद ही कोई ऐसा मॉल, बैंक या व्यावसायिक प्रतिष्ठान हो, जिसके पास खुद की पर्याप्त पार्किंग हों। ऐसे में बाइक सड़क पर खड़ा करना मजबूरी है लेकिन तमाम दावों के बाद पार्किंग की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। सबसे ज्यादा बुरा हाल स्टेशन रोड, छह सड़का से सब्जी मंडी जाने वाले रोड पर पीएनबी के सामने, मालगोदाम रोड, इंद्रा चौक आदि स्थानों पर है।
-
मुख्यमंत्री के आदेश हवा में, अवैध स्टैंड सड़क पर
भले ही अवैध स्टैंड हटवाने के आदेश मुख्यमंत्री ने दिए हों लेकिन जिला स्तरीय अधिकारियों ने उन्हें भी एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल दिया। शहर के वाटर वर्क्स रोड पर बना अवैध टैक्सी स्टैंड नहीं हट पाया। पनबड़िया पर बना टाटा मैजिक स्टैंड वैसे का वैसे ही है तो बिजली उपकेंद्र के सामने एक और नया बन गया। मंगलवार को भी दोनों जगहों पर टैक्सी और टाटा मैजिक वैसे ही खड़े दिखाई दिए जैसे मुख्यमंत्री के आदेश से पहले खड़े रहते थे।
-
वेंडिंग जोन... ये क्या होता है!
डीएम ने मंगलवार को आयोजित बैठक में भी कहा कि जहां वेंडिंग जोन बनाए जाएं वहां पानी, प्रकाश आदि की व्यवस्था की जाए। पर, सवाल यह है कि पहले वेंडिंग जोन भी तो बनें। अब भी ठेले रेहड़ी वाले सड़कों के किनारे खड़े होकर सड़कों को संकरा कर रहे हैं। हालांकि पेट पालने की उनके सामने भी मजबूरी है लेकिन उन्हें जगह उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। पर, अधिकारी अपने काम के प्रति कितने गंभीर हैं, ये सबको पता है। महीनों की कवायद के बाद आज भी वेंडिंग जोन पूरी तरह शुरू नहीं हो पाए।
-
शहर में नौ पार्किंग स्थल चिह्नित हो गए हैं। प्रयास है कि जल्द ही उन्हें शुरू करा दिया जाएगा। उसके बाद टैक्सी आदि को वहां खड़ा किया जा सकेगा। इसके बाद शहर की व्यवस्था काफी हद तक सुधर जाएगी। बाकी मॉल्स, बैंक आदि के बाहर खड़ी बाइक आदि को ट्रैफिक पुलिस को देखना चाहिए।
-डॉ. दीप कुमार वार्ष्णेय, ईओ
छह सड़का से सब्जी मंडी जाने वाले रोड पर पीएनबी के सामने खड़ी बाइक। संवाद- फोटो : BADAUN