बदायूं। इस त्योहारी सीजन में मूर्ति बाजार में मेड इन इंडिया का जलवा है। इस बार मेड इन चाइना की चमक फीकी नजर आ रही है। पिछले कई सालों से दिवाली पर देवी-देवताओं की मूर्तियों के बाजार में चीन का कब्जा था। पर अब अपने देश में बनी मूर्तियां ज्यादा दिखाई दे रही हैं। व्यापारियों ने कहा कि इस बार मूर्तियों के बाजार से चीन काफी हद तक गायब है।
त्योहार को लेकर बाजार सज गए हैं। बाजार में बढ़ रही भीड़ को देखकर व्यापारियों के चेहरे पर भी रौनक देखने के लिए मिल रही है। इस त्योहार पर बिक्री के लिए दुकानदारों द्वारा कोलकाता, लखनऊ और आगरा से खूबसूरत और सजावटी मूर्तियां मंगाई हैं। जो खरीदारों को काफी पंसद आ रही हैं। वहीं, मूर्ति की कीमतों की बात करें तो इस बार 50 रुपये लकर 21 सौ रुपये तक की लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति बाजार में मौजूद है।
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की खरीदारी सबसे अहम है। बाजार में टेराकोटा वाली तीन से चार इंच की गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति सबसे कम दाम 50 रुपये में बिक रही हैं। वहीं, कोलकाता से मंगाई मूर्तियां सबसे महंगी है। रेशमी कपड़े, कुंदन और नग वाले गहनों से सजी यह मूर्तियां छह इंच से लेकर एक फीट तक की हैं। लखनऊ से मंगाई गई मूर्तियां काफी आकर्षक हैं। यह आकार में थोड़ी छोटी जरूर हैं, लेकिन इनकी कीमत भी दो सौ से लेकर 15 सौ रुपये तक है। मूर्ति विक्रेता नितिन देवल का कहना है कि अलग-अलग मूर्तियों और आकार के अनुरूप कीमत है। साथ ही अधिकांश मूर्ति स्वदेशी हैं, चाइनीज की बोलवाला बेहद कम हो गया है।
रंग-बिरेंगे फूल, असली को दे रहे मात
दिवाली पर घरेलू साज-सज्जा के लिए बाजार में तरह-तरह के आर्टिफिशियल फूल आए हैं। जो विभिन्न रंगों में और कई प्रकार की डिजाइन में हैं। कई फूल को असली को भी मात दे रहे हैं। इनमें गुलाब से लेकर विदेशी फूलों तक के गुच्छे हैं। इनकी कीमत 40 रुपये से लेकर 800 रुपये तक है।
झूमर बढ़ा देंगे घरों की रौनक
बाजार में रंगोली के डिजायन और सामग्री से लेकर दरवाजों पर लगने वाले स्टीकर भी बिक रहे हैं। वहीं आकर्षक डिजाइनों में आए हर साइज के झूमर लोगों को काफी भा रहे हैं। दो सौ रुपये से लेकर 500 तक में मिल रहा है।
बाजार से फूल की खरीदारी करते लोग। संवाद- फोटो : BADAUN
बाजार में दुकान पर खरीदारी करती महिला। संवाद- फोटो : BADAUN