इधर, रात तक दोनों बच्चों का कुछ पता नहीं चला तो परिवार वालों ने उन्हें तलाश किया। वे तलाश करते हुए गड्ढे के पास पहुंचे, जिसमें दोनों बच्चों के शव पानी में उतरा रहे थे। परिवार वाले उन्हें निकालकर तुरंत उझानी स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस संबंध में परिवार वालों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना नहीं दी थी। गांव भी थाने से काफी दूर है। इससे पुलिस को भी जानकारी नहीं मिल सकी।
उझानी स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने इस घटना के बारे में कुछ लोगों को सूचना दी। तब इसके बारे में थाना पुलिस और तहसीलदार सदर करनवीर सिंह को पता चला। रात करीब 12 बजे तहसीलदार और थाना पुलिस गांव पहुंची। उन्होंने हादसे के बारे में जानकारी ली लेकिन परिवार वालों ने उनके शवों के पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। सोमवार सुबह उन्होंने दोनों शवों को गंगा नदी किनारे दफन कर दिया।
सोमवीर कक्षा एक और अरुण कक्षा दो का छात्र था
सोमवीर तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता मोरपाल खेतीबाड़ी करते हैं। सोमवार भूड़ा भदरौल गांव के प्राथमिक स्कूल में कक्षा एक का छात्र था जबकि अरुण तीन भाइयों में मझला था। वह भी भूड़ा भदरौल के प्राथमिक स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। उसके दो बहनें हैं। उसके पिता खेतीबाड़ी करते हैं।