जिला आयुर्वेद अस्पताल में मरीज को देखते डॉक्टर संजय कुमार ।संवाद
बदायूं। आयुर्वेदिक अस्पतालाें में भी इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि एलोपैथिक दवाओं के दुष्प्रभावों के कारण आयुर्वेदिक इलाज की ओर मरीजों का रुझान बढ़ा है।
जिला अस्पताल परिसर समेत जिले में 26 आयुर्वेदिक अस्पताल हैं। इन अस्पतालों में इन दिनों रोजाना 1400-1500 मरीज पहुंच रहे हैं। हाल के दिनों में मौसम तेजी से बदल रहा है। आमतौर पर आयुर्वेदिक अस्पतालों में पुरानी और असाध्य बीमारियों के मरीज पहुंचते हैं। इन दिनों सर्दी, खांसी-जुकाम और सांस संबंधी मरीजों के अलावा पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। बदलते मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ डॉक्टरों की कमी भी सामने आ रही है। 26 अस्पतालाें में से 16 में ही डॉक्टरों की तैनाती है। ऐसे में एक-एक डॉक्टर को अलग-अलग समय पर दो-दो अस्पतालाें में काम देखना पड़ रहा है।
ये है मरीजों की स्थिति-
जिला अस्पताल परिसर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 150 मरीज आए। इसके अलावा दातागंज, बिसौली, बिल्सी, सहसवान के अस्पतालों की ओपीडी में भी संख्या 100-120 के बीच रही। शेष अस्पतालों में भी शनिवार को 50 से 60 मरीज पहुंचे। ज्यादातर मरीज सर्दी-खांसी-जुकाम और पेट संबंधी बीमारियों के रहे।
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ये बोले-विशेषज्ञ-
बदलता मौसम बेहद खतरनाक होता है। इन दिनों कपड़े कम न करें। शीतल पानी पीने से बचें और ड्राईफूड का इस्तेमाल करें। पानी की कमी न होने दें। उतरती हुई सर्दी है। धूप में बैठें और शरीर की मालिश करें। अगर इन दिनों सर्दी-खांसी-जुकाम या वायरल बुखार की जद में आते हैं तो यह लंबा खिंच सकता है।
- डॉ.राघवेंद्र सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी
जिला आयुर्वेद अस्पताल में मरीज को देखते डॉक्टर संजय कुमार ।संवाद