बिसौली। आशीष की हत्या करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर भाकियू ने कोतवाली में चार घंटे धरना दिया। शीघ्र कार्रवाई न होने से नाराज यूनियन के नेताओं और कोतवाल के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस को 15 दिन की मोहलत देकर यूनियन ने धरना समाप्त कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव कलरावारा में 16 अप्रैल को आशीष पुत्र अजब सिंह की हत्या कर दी गई थी। पुलिस द्वारा रिपोर्ट न लिखने पर पीड़ित पक्ष ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर लगभग डेढ़ माह पूर्व पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद मृतक के परिजन और भाकियू के नेता कई बार पुलिस से मिले, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस की लापरवाही के चलते भारतीय किसान यूनियन ने रविवार को कोतवाली में धरना दिया। भारतीय किसान यूनियन युवा के मंडल अध्यक्ष दिनेश यादव ने पुलिस की लापरवाही और भाकियू के संघर्ष के बारे में किसानों को बताया। दो घंटे बाद धरनास्थल पर पहुंचे कोतवाल और किसान यूनियन के नेताओं के बीच बातचीत हुई। किसानों ने कार्यवाही की समय सीमा तय करने को कहा, लेकिन कोतवाल के मौन रहने के बाद किसान भड़क गए।
उन्होंने ऐलान कर दिया कि जब तक आशीष हत्याकांड पर कार्रवाई नहीं हो जाती तब तक वह कोतवाली में ही रहेंगे। यहीं रोटी बनाएंगे। जमकर नारेबाजी हुई। एक घंटे बाद पुलिस और भाकियू के बीच फिर वार्ता हुई। इस बार भाकियू ने 15 दिन का समय पुलिस को देकर धरना समाप्त कर दिया।
कोतवाल ब्रजेश सिंह को दिए गए चार सूत्री ज्ञापन में एक गांव में विवाहिता के साथ की गई छेड़खानी की घटना को मारपीट की धाराओं में दर्ज करने पर रोष जताया गया। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी भाकियू आक्रोशित दिखी। धरना स्थल पर मंडल अध्यक्ष दिनेश यादव, पप्पू प्रधान, मास्टर प्रेमपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, बलवंत सिंह, सत्यवीर, अमरपाल, रामकुंवर शर्मा, मुकेश प्रधान, मुकेश भदौरिया आदि किसान नेता मौजूद रहे।
बिसौली कोतवाली में धरना देते भाकियू के कार्यकर्ता। संवाद