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कोरोना : संकट में दिखा एकजुटता का संकल्प, घर घर जले दीये... मानो आ गई दिवाली

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NA - फोटो : AMAR UJALA
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बदायूं। यह उस एकजुटता, हौसले और संकल्प की रोशनी थी, जिसने सभी देशवासियों को यह एहसास करा दिया कि कितने से कितना बड़ा भी संकट आ जाए मगर देशवासी अकेले नहीं हैं। दीयों की रोशनी से जगमगाते घरों के दरवाजे, छत और बालकनी यह एहसास दिलाने के लिए काफी थे, कि जब जब इस देश पर संकट रूपी अंधकार छाएगा तो सारा देश एकजुट होकर उसका सामना करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर रविवार को मानो अप्रैल में ही देशवासियों ने दीपावली मना ली। नौ बजते ही पूरा जिला न केवल घंटा और शंख की ध्वनि से गूंज उठा बल्कि हर घर के बाहर और छत पर दीपों की पंक्तियां जगमग हो उठीं। प्रधानमंत्री के रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर दीपक, मोमबत्ती, टॉर्च जलाने के आह्वान के साथ लोग एकजुट होकर खड़े दिखे। इससे पहले 22 मार्च को घरों के दरवाजे, बालकनी में खड़े होकर ताली, थाली बजाने का आह्वान पर भी लोग कोरोना के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री के साथ खड़े दिखे थे। प्रधानमंत्री के आह्वान पर रविवार को लोगों ने कोरोना के अंधेरे के खिलाफ जंग में एकजुटता का परिचय दिया। शहर समेत देहात में भी रात नौ बजते ही लोगों ने अपने घरों और बालकनी पर दिए और मोमबत्ती जला दिए। यह नजारा ऐसा था कि मानो अप्रैल में ही दीपावली का त्यौहार आ गया हो। हर गली और घर दीपक और मोमबत्ती की रोशनी से जगमग हो गया था। छतों पर तो दीपावली का ही भ्रम हो रहा था। रही सही कसर पटाखों और आतिशबाजी ने पूरी कर दी। लोगों ने घंटा और शंख भी बजाए और कोरोना के संकट के सामने अपनी एकजुटता एहसास दिलाया। देहात में भी दीपावली जैसा नजारा रहा। बिसौली, सहसवान, दबतोरी, उसावा आदि क्षेत्रों में भी दीपों की रोशनी की गई।
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NA - फोटो : AMAR UJALA
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