बदायूं। 2007 के विधानसभा चुनाव के बाद 2012 में नए परिसीमन पर विधानसभा चुनाव आते आते कई राजनेताओं की राजनैतिक जमीन खिसक गई। नए परिसीमन में बिनावर क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा बदायूं विधानसभा क्षेत्र में शामिल हो गया। ऐसे में कई नेताओं का शहर सीट से चुनाव लड़ना मजबूरी हो गया। 2002 में बिनावर से विधायक चुने गए भूपेंद्र सिंह 2007 का चुनाव सपा से लड़े थे और 2012 में बदायूं विधानसभा से बसपा के टिकट पर मैदान में उतरे, लेकिन कामयाब नही हुए। बिनावर से पांच बार विधायक रहे रामसेवक सिंह पटेल भी 2012 और 2017 का चुनाव शहर विधानसभा से लड़ चुके हैं। बिनावर विधानसभा खत्म होने के बाद कई नेताओं को अब तक नया ठिकाना नहीं मिला है।