फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: बसपा प्रभावित कर सकती है सपा-भाजपा का खेल

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। बसपा के उम्मीदवार पर सबकी निगाहें लगी हैं। भाजपा और सपा की हार-जीत के मौजूदा समीकरण तब प्रभावित होंगे जब बसपा का उम्मीदवार सामने आएगा। सियासी जानकार बताते हैं कि अगर बसपा से मुस्लिम उम्मीदवार आता है तो सपा को नुकसान हो सकता है। अगर मौर्या व शाक्य बिरादरी के उम्मीदवार को बसपा ने लड़ाया तो भाजपा प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन

बसपा की दमदारी-2024 में सियासी समीकरण उलट-पलट करेगी। अब तक जो जानकारी सामने आ रही है, उसमें कहा जा रहा है कि मौर्य बिरादरी के एक दमदार नेता को टिकट देने पर बसपा हाईकमान विचार कर रहा है। वहीं सपा से असंतुष्ट रहे एक स्थानीय मुस्लिम नेता के बसपा उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा भी अब तक रही है, लेकिन वह चर्चा परवान नहीं चढ़ सकी क्योंकि स्थानीय मुस्लिम नेता को सपा ने मना लिया। अब बसपा दूसरे जनपद के एक मुस्लिम नेता के संपर्क में है।
बसपा के जिलाध्यक्ष आरपी त्यागी का कहना है कि बसपा सुप्रीमो मायावती के स्तर से उम्मीदवार तय होना है। जो नाम सामने आए, उनके बारे में नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है। इसमें भाजपा और सपा के नेता भी शामिल हैं।
विज्ञापन



बसपा का उम्मीद तय करेगा मतों का बंटवारा
असल में बसपा को दो लाख से अधिक मत बदायूं लोकसभा क्षेत्र में मिल चुके हैं। अनुसूचित जाति के मतों की संख्या भी करीब इतनी ही है। करीब पचास फीसदी मतदान तो होता ही है। अनुसूचित जाति के अगर एक लाख मत पड़ते हैं और उम्मीदवार अपनी जाति और संपर्क के आधार पर भी इतना ही मत जुटा लेता है तो बसपा के खाते में दो लाख से अधिक मत हो जाते हैं। 2009 में जब डीपी यादव लड़े तो अपनी जाति और संपर्क के मतों के साथ उन्होंने बसपा का मत जोड़ लिया था। उन्हें दो लाख एक हजार मत मिले थे। तब वह दूसरे नंबर पर थे। सपा के धर्मेंद्र यादव जीते थे। अगर कोई दमदार उम्मीदवार बसपा से आता है तो मतों का बंटवारा तय हो जाएगा। बसपा भी दमदारी दिखाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें