पुलिस के मुताबिक उन्होंने बताया कि शाम के समय उन्होंने अपनी-अपनी पत्नियों के साथ मारपीट की थी। इससे उनकी पत्नियां थाने जाकर उनकी शिकायत कर आईं थीं। पुलिस उन्हें थाने ले गई लेकिन देर शाम उनकी पत्नियों ने उन्हें फिर से छुड़ा लिया। जब वह घर पहुंचे तो उन्होंने दोबारा विवाद कर दिया। रमेश को मारना चाहते थे, लेकिन लज्जावती ने उसे भगा दिया, साथ ही पत्नियों को पीटने का विरोध किया था। जब लज्जावती और उसकी बहन एक ही चारपाई पर जाकर सो गईं, तो उन्होंने रात करीब साढ़े 12 बजे दोनों की हत्या कर दी। अब पुलिस दोनों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
कुल्हाड़ी से नहीं फावड़े से काटकर की थी हत्या
ग्रामीणों ने कुल्हाड़ी से काटकर हत्या होना बताया था, लेकिन जब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके पूछताछ की तो उन्होंने फावड़े से हमला करना कबूल किया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर फावड़ा बरामद कर लिया है।
दो गांव में पसरा मातम शेखूपुरा गांव में हुए दोहरे हत्याकांड से दो गांव में मातम पसरा हुआ है। लज्जावती शेखूपुरा गांव की रहने वाली थी, लेकिन उसका मायका संभल जिले के बहजोई थाना क्षेत्र के मोहकमपुर गांव में था। लज्जावती के शव का उसकी ससुराल में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं मंजू के शव को उसके गांव में दफन किया गया। दोनों गांव में मातमी माहौल है।
जरीफनगर के शेखूपुरा गांव में दोनों हत्यारोपी लज्जावती और उसकी बहन की हत्या करके सहसवान और जरीफनगर के बीच कटरी में छिपे हुए थे। दोनों को गुरुवार शाम गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी निशानदेही पर आला कत्ल फावड़ा बरामद कर लिया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्हें गिरफ्तार करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। -डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी