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Budaun News: ब्लीडिंग रोकने वाला इंजेक्शन खत्म, रेफर कर रहे डेंगू मरीज

Mon, 06 Nov 2023 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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बदायूं। जिले में फैली संक्रामक बीमारी की रोकथाम के बीच स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डेंगू मरीज की ब्लीडिंग रोकने में इस्तेमाल होने वाला एमएसपी ( मिथाइलप्रेडनिसोलोन) इंजेक्शन राजकीय मेडिकल कॉलेज में खत्म हो गया। ऐसे में मरीजों को गंभीर हालत में रेफर किया जा रहा है।
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जिले में अब तक 522 डेंगू संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से कई लोगों की उपचार के दौरान मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने मौत की संख्या नहीं बताई है। अस्पतालों में अब भी कई मरीज भर्ती हैं। 20 हजार से नीचे प्लेटलेट्स जाने पर ब्लीडिंग होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर इस दौरान मरीज के मुंह से खून आने लगता है तो प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए प्लाज्मा चढ़ाने की तुरंत आवश्यकता होती है लेकिन जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में इसका कोई इंतजाम नहीं है। मरीजों को राहत देने के लिए ब्लीडिंग रोकने के लिए एमएसपी इंजेक्शन लगाया जाता है। जिला अस्पताल डाॅ. नरेश पाल सिंह ने बताया कि एमएसपी इंजेक्शन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। वहीं जब डेंगू में ब्लीडिंग होती है तब इस इंजेक्शन को लगाकर कुछ समय के लिए खून आने से रोका जाता है ताकि रेफर करने के बाद मरीजों को इलाज शुरू करने में समय मिल सके।


रेफर स्लिप थमाकर की मरीज की छुट्टी : बिल्सी क्षेत्र निवासी रमन सिंह को डेंगू से पीड़ित होने के बाद परिजनों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। शनिवार शाम करीब पांच बार उनको खून की उल्टी हुई। स्टोर में एमएसपी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं था। इसके बाद स्टाफ ने परिजनों से उन्हें सैफई या बरेली में ले जाकर इलाज कराने की बात कहकर रेफर स्लिप थमा दी। परिजन किसी तरह रुपये का इंतजाम कर मरीज को वहां से ले गए। दूसरे बेड पर भर्ती अन्य मरीजों के सामने भी यही दिक्कत आई।
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लाखाें से बनी ब्लड बैंक को लाइसेंस का इंतजार : जिला अस्पताल में लाखों रुपये खर्च कर कई साल पहले ब्लड बैंक की बिल्डिंग तैयार की गई लेकिन अभी तक उसे संचालित कराने के लिए लाइसेंस ही नहीं मिला है। जिम्मेदार बताते हैं कि नोएडा से औषधि विभाग की टीम आकर मानकों की जांच करेगी, उसके बाद लाइसेंस दिया जाएगा।
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