बदायूं। मदरसों के विद्यार्थियों को वजीफा तभी मिलेगा जब उनकी उपस्थिति बायोमीट्रिक के जरिये होगी। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश का पालन नहीं करते हैं तो वेतन अनुदान, सरकारी सहायता और वजीफा पर असर पड़ेगा। शासन से अनुदान प्राप्त कर रहे मदरसा संचालकों को इस बावत अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया है।
राज्य सरकार अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को वजीफा देती है। शिक्षकों को वेतन के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाती है। जिले के दो मदरसे शासन से अनुदान प्राप्त करते है और 212 मदरसे ऐसे हैं, जो सरकार से मान्यता प्राप्त है। सभी मदरसों के विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति देने के निर्देश है।
अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने बताया कि बायोमीट्रिक उपस्थिति की मशीन खुद मदरसा को अपने संसाधन से खरीदनी है। इसके लिए कोई आर्थिक मदद शासन की ओर से नहीं मिलेगी। विद्यार्थी के साथ शिक्षकों की उपस्थिति भी बायोमीट्रिक से होगी। शिक्षक किस समय आते हैं, इसका भी रिकॉर्ड रहेगा।
इसलिए है बायोमीट्रिक उपस्थिति पर जोर
हरदोई समेत कई जनपदों में मदरसों में फर्जी छात्र संख्या दर्शाकर वजीफा हड़पने के मामले सामने आए हैं। मामला खुला तो कार्रवाई हुई और अब बायोमीट्रिक से यही सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो छात्र वजीफा पाएगा वह वास्तव में मदरसा पढ़ने आएगा। एक छात्र एक से अधिक मदरसों में पंजीकृत भी नहीं हो पाएगा क्योंकि वजीफा के डाटा बेस को आधार कार्ड के साथ लिंक किया जा रहा है।
कोट-
जिले में 214 मदरसे हैं। इनमें दो अनुदानित है। सभी मदरसों में बायोमीट्रिक उपस्थिति शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की लगनी है। इसको लेकर सभी को निर्देशित किया गया है।
मोहम्मद खालिद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी