दस और एक रुपये के सिक्के लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। महीनों से सिक्के बंद होने और जाली होने की अफवाह के चलते दुकानदार और ऑटो चालक सिक्के लेने से इनकार कर देते हैं। बैंक भी सिक्के लेने में आनाकानी करते हैं, जिससे आए दिन विवाद होता है। जबकि नियामुनसार एक बार में एक हजार रुपयों के सिक्के बैंक में जमा किए जा सकते है। बैंक वाले सिक्के लेेने से सीधे मना नहीं करते, बल्कि सिक्के न लेने के लिए गिनने की समस्या बताई जाती है। बैंक कर्मचारियों की कोशिश रहती है कि कोई व्यक्ति सिक्के जमा करने के लिए काउंटर पर न पहुंचे। जबकि आरबीआई का साफ निर्देश है कि कोई बैंक सिक्के लेने से इंकार नहीं करेगा। बाजार में फुटकर दुकानों के पास तो सिक्कों का स्टॉक भरा पड़ा है। बैंकों के इंकार करने के कारण दुकानदार भी सिक्के लेने से परहेज कर रहे हैं। यह स्थिति तब है जब कि सिक्का न लेने वाले पर मामला दर्ज करने का प्रावधान है। पीएनबी के काउंसलर डीके चड्ढा बताते है कि सिक्के लेने से बैंक इंकार नहीं कर सकती। आरबीआई के प्रावधान अनुसार खाताधारक सीधे बैंक जाकर एक बार में एक हजार रुपये के सिक्के जमा कर सकता है।