बदायूं। जिले के बिनावर ब्लॉक में तैनात बैंक सखी विमलेश ने महिला सशक्तिकरण और वित्तीय जागरूकता का उदाहरण पेश किया है। विमलेश की मेहनत और जागरूकता से स्वयं सहायता समूह की 125 महिलाओं की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) बढ़ गई है। इससे न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती मिली, बल्कि उनके समूह भी आगे बढ़ने लगे। बिनावर की विमलेश के पति भारतीय जीवन बीमा निगम में एजेंट हैं। पहले वह खुद बैंक सखी बनी। उसके बाद गांव की महिलाओं को बैंकिंग प्रक्रिया को समझाया। महिलाओं के समूह बनवाए और उसके जरिए उनको छोटे व्यवसाय के लिए ऋण दिलवाया। इससे गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर होने लगीं। साथ ही विमलेश भी आत्मनिर्भर हुईं। ऐसे ही समरेर की बैंक सखी सुमन खुद आत्मनिर्भर बनी और दूसरों को आगे बढ़ने का राह दिखा रही हैं। इनके पिता किसान हैं। सुमन ने गांव की महिलाओं को आगे बढ़ने में मदद की। उन्होंने क्षेत्र के 120 स्वयं सहायता समूह को सीसीएल दिलाया।
सुमन- फोटो : akhnoor news