बदायूं। आधी आबादी को सत्ता में पूरी भागीदारी का अभी इंतजार है। लोकसभा के लिए अब तक 17 चुनाव हुए। बदायूं लोकसभा क्षेत्र में 13 चुनाव में महिला उम्मीदवार थीं ही नहीं। महिलाएं पांच चुनाव में लड़ीं, लेकिन सिर्फ एक बार जीतीं।
पहली बार 1996 में कांग्रेस ने परवीन आजाद को मैदान में उतारकर महिलाओं को बदायूं लोकसभा क्षेत्र की सियासत में भागीदारी की शुरूआत की थी, लेकिन जीत नहीं सकीं। चौथे स्थान पर रहीं इसी चुनाव में एआईआईसी (टी) से शशिलता चौहान लड़ीं। वह पांचवें स्थान पर रहीं।
लोकसभा के 1998 व 1999 में भाजपा ने शांति देवी शाक्य को उम्मीदवार बनाया। दोनों चुनाव शांति देवी शाक्य दमदारी के साथ लड़ीं और दूसरे स्थान पर रहीं। साल 1999 के चुनाव में कांग्रेस ने बदायूं के सबसे पहले सांसद बदन सिंह की बेटी शांति देवी यादव को चुनाव लड़ाया। साल 2019 में भाजपा ने महिला उम्मीदवार के रूप में स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य चुनाव मैदान में उतारा। वह सांसद निर्वाचित हुईं। अब एक बार फिर भाजपा से दावेदार हैं। अन्य किसी दल से अभी किसी महिला उम्मीदवार का नाम दमदारी के साथ सामने नहीं आया। सबसे ज्यादा तीन बार भाजपा और सबसे कम दो बार कांग्रेस ने महिला को उम्मीदवार बनाया। सपा व बसपा से महिला अब तक लोकसभा चुनाव के लिए नहीं आईं हैं।
इन 13 चुनावों में नहीं थी कोई महिला उम्मीदवार
1952, 1957, 1962, 1967, 1971, 1977, 1980, 1984, 1989, 1991, 2004, 2009, 2024 में कोई महिला नहीं है।
1996
दल उम्मीदवार मत प्रतिशत
सपा : सलीम इकबाल शेरवानी 198065 37.51
बीएसपी: बृजपाल सिंह 152878 28.95
भाजपा: प्रेमपाल सिंह यादव 125942 23.83
कांग्रेस :परवीन आजाद 21449 4.06
एआईआईसी (टी) शशिलता चौहान 10665 2.02
1998
सपा : सलीम इकबाल शेरवानी 264583 41.83
भाजपा: शांति देवी शाक्य 249925 35.56
1999
सपा : सलीम इकबाल शेरवानी 236496 39.15
भाजपा: शांति देवी शाक्य 195182 32.31
बीएसपी: बृजपाल सिंह 1379096 22.83
कांग्रेस: शांति देवी 26418 4.37
2019
भाजपा: संघ मित्रा मौर्य 511352 47.30
सपा: धर्मेंद्र यादव 492898 45.59
कांग्रेस: सलीम इकबाल शेरवानी 51947 4.80