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Budaun News: पालिका के जिम्मेदाराें का चहेता था बाबू, दे रखे थे मलाईदार पटल

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बदायूं। आठ हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए बाबू मुशाहिद अली खां को तीन-तीन मलाईदार पटल का प्रभारी बना रखा था। वह भी तब जब दो माह पूर्व गोशाला में चारा घोटाले में निलंबित हो चुका था। बताते हैं कि मुशाहिद कहने के लिए बाबू था, लेकिन नगर पालिका में उसकी पकड़ ऊपर तक थी।
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बदायूं नगर पालिका भ्रष्टाचार की खान बन चुकी है। पिछले दिनों एक कर्मचारी द्वारा प्रमाण पत्र बनवाए जाने के नाम पर रुपये लिए जाने का वीडियो वायल हुआ था। इसके बाद कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया था। सोमवार को मुशाहिद को एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ लिया। बताते हैं कि मुशाहिद नगर पालिका में हमेशा से चर्चा में रहा।
सफेदपोश से उसका अच्छा तालमेल था। यही कारण रहा कि उसे मलाईदार पटल मिले हुए थे। लाइसेंस के सारे काम मुशाहिद ही देखता था। इसमें मीट की दुकान का लाइसेंस, शराब की दुकान, मेडिकल स्टोर, रेस्टोरेंट आदि की दुकानों के लाइसेंस मुशाहिद ही पास करता था। गोशाला की देखरेख का जिम्मा भी मुशाहिद के पास है। यह तब है जब दो महीने पहले गोशाला में चारा व गाय कम मिलने के मामले उसे निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा पीएम स्वनिधि का पटल भी पालिका के इस चहेते बाबू के पास था। इसमें रेहड़ी, ठेले वालों को दस हजार रुपये का ऋण दिया जाता है।
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समझा जा सकता है कि मुशाहिद पर इतनी मेहरबानी क्यों थी। सफेदपोश से अच्छे संबंध के चलते उसकी शिकायतें कूड़ेदान में डाल दीं जाती थीं। यही कारण है कि मीट की दुकान का लाइसेंस बनवाने आए व्यापारी को बरेली में एंटी करप्शन के कार्यालय में जाकर शिकायत करनी पड़ी। तब यह रिश्वतखोर बाबू पकड़ा जा सका।



कई कर्मचारियों के कागजों में बदले गए पटल
कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनके पटल केवल कागजों में बदले गए हैं। वह सालों से जो काम करते आ रहे हैं अब भी वही काम कर रहे हैं। हालांकि कुछेक कर्मचारियों के पटल ही वास्तव में बदले गए हैं, अधिकांश अपनी जगह पर जमे हुए हैं।

एंटी करप्शन की टीम के छापे से पालिका में अफरातफरी मची
सोमवार को पालिका के सभी कर्मचारी अपने-अपने पटल पर काम कर रहे थे। पूर्वाह्न 11:30 बजे एंटी करप्शन की टीम अचानक पालिका दफ्तर आ गई। जैसे ही टीम ने रिश्वत लेते हुए मुशाहिद अली खां को पकड़ा वहां अफरातफरी मच गई। रिश्वत लेते ही एंटी करप्शन की टीम ने चाराें तरफ से मुशाहिद को घेरकर पकड़ लिया। आनन-फानन में उसे गाड़ी में बैठाया और सिविल लाइंस थाने ले गए।
यह सब इतनी जल्दी हुआ कि दफ्तर में बैठे कर्मचारी कुछ समझ ही नहीं सके। कुछ समय बाद जब कर्मचारियों को पता चला कि एंटी करप्शन की टीम का छापा पड़ा था तब वहां अफरातफरी मच गई। पालिका के कई कर्मचारी मौके से भाग गए। करीब दो घंटे तक कई कर्मचारी गायब रहे। बाद में धीरे-धीरे लौटे।


एक व्यक्ति ने कार्यालय में आकर सूचना दी थी कि नगर पालिका बदायूं में लाइसेंस के नाम पर उससे रिश्वत मांगी जा रही है। इस पर जांच के बाद सोमवार को बाबू को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। - यशपाल सिंह, सीओ, एंटी करप्शन, बरेली
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