बदायूं। एआरटीओ कार्यालय के बदनाम बाबू का एक और मामला सामने आया है। उसने रिश्वत लेने के चक्कर में आठ महीने तक डुप्लीकेट आरसी नहीं दी। बाइक मालिक लगातार कार्यालय के चक्कर लगाता रहा। थकहारकर उसने जनसुनवाई पोर्टल पर उसकी शिकायत कर दी। जांच में मामला सही पाया गया। आरटीओ बरेली ने लिपिक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
शहर के मोहल्ला नाहरखां सराय निवासी एमजेड अंसारी ने अपनी बाइक की डुप्लीकेट आरसी लेने के लिए छह अप्रैल, 2022 को ऑनलाइन आवेदन किया था। दावा है कि उनके आवेदन में सभी जानकारियां सही थीं। इससे उसी दिन सभी पात्रताएं पूर्ण कर ली गई थीं। उस दिन और भी वाहन मालिकों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। पटल सहायक (बाबू) मनोज कुमार गौतम ने अन्य वाहन मालिकों से रुपये लेकर उनकी डुप्लीकेट आरसी प्रिंट करके दे दी, लेकिन एमजेड अंसारी ने रुपये नहीं दिए।
इससे उन्हें आरसी नहीं दी गई। उन्हें आज-कल कहकर टहलाया जाता रहा। एमजेड अंसारी ने डुप्लीकेट आरसी लेने के लिए एआरटीओ कार्यालय के कई चक्कर लगाए। इसके बावजूद उन्हें आरसी नहीं दी गई। आखिरकार उन्होंने थकहारकर जनसुनवाई पोर्टल पर बाबू मनोज कुमार गौतम के खिलाफ शिकायत कर दी। मामले का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव भूपेंद्र बहादुर सिंह ने इसकी जांच आरटीओ बरेली को सौंपी।
इस पर आरटीओ बरेली ने जांच की। एमजेड अंसारी की शिकायत सही पाई गई। उन्होंने जांचकर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी है। इस पर बाबू मनोज कुमार गौतम को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी गई। तब कहीं बाइक मालिक को दिसंबर 2022 में आरसी प्राप्त हो सकी। इसके पहले से बाबू की दो वेतन बृद्धि रुकी हुई चल रहीं हैं।
मृतक के नाम से ट्रांसफर कर दी थी बाइक
- एआरटीओ कार्यालय का यह वही बाबू है, जिसने एक साल पहले मृतक को कार्यालय में उपस्थित दिखाकर उसकी बाइक उसके भाई के नाम ट्रांसफर कर दी थी। इस मामले की भी जांच हुई। बाबू को बरेली कार्यालय संबद्ध कर दिया गया। उसे प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी गई, लेकिन कुछ माह बाद फिर से बाबू कार्यालय में आ गया।
यह मामला संज्ञान में है। इसकी जांच आरटीओ बरेली ने की थी। उनके आदेश पर ही बाबू को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। आगे की कार्रवाई भी उनके आदेश पर की जाएगी। बाबू को पटल से हटाया जाएगा।- आरबी गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन