बदायूं। आबादी बढ़ने के बाद शहरी सीमा से आगे तमाम कॉलोनी और मोहल्ले बस गए हैं, लेकिन ‘कागजों’ में ये अभी तक नगर पालिका में शामिल नहीं हो पाए हैं। ये मोहल्लेे अभी भी ग्राम पंचायतों में होने के कारण नगरीय सुविधाओं से वंचित हैं। इधर, सीमा विस्तार का प्रस्ताव नगर पालिका की बोर्ड बैठक में पास होने से आगे नहीं बढ़ पाया। ऐसे में कई गांव भी पालिका में शामिल होने से रह गए।
नगर पालिका का आज तक सीमा विस्तार नहीं हुआ है। ऐसे में शहर के अंदर के करीब एक दर्जन मोहल्ले अब भी ग्राम पंचायत में शामिल हैं। 29 नवंबर 2019 को सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने नगर पालिका के विस्तारीकरण के लिए मुख्यमंत्री के सामने बात रखी थी, जिस पर प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन को इस दिशा में काम करने के लिए निर्देशित किया था।
इसके बाद पालिका की परिधि से सात किलोमीटर का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया। इस दायरे में आसपास के 26 गांव शामिल हो रहे थे। इसके बाद बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर फाइल कमिश्नर के पास भेज दी गई। उसके बाद न तो किसी अधिकारी ने ध्यान दिया, न किसी जनप्रतिनिधि ने पैरवी की।
इन कॉलोनियों में नहीं मिल पातीं नगरीय सुविधाएं
शहर में लोचीनगला, कल्याननगर, बाबा कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, बजरगंज नगर, आवास विकास कॉलोनी समेत कॉलोनी या मोहल्ले या उनका आधा भाग तमाम जगह ऐसी हैं, जो शहर के अंदर है, लेकिन यहां के लोगों को पालिका द्वारा मिलने वाली किसी भी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सीमा विस्तार हुआ तो ये गांव होंगे शामिल
सीमा विस्तार में आरिफपुर नवादा, खेड़ा बुजुर्ग, खुनक, चंदन नगर खरैर, आलमपुर, सालारपुर, पडौलिया, शिकरापुर, भगवतीपुर, दहेमी, बहेड़ी, गुराई, नौशेरा, शेखूपुर, जहानाबाद, गालिम पट्टी, दौरी, नरऊ बुजुर्ग, रसूलपुर, नरऊ खुर्द, पड़ौआ, नगला शर्की, मझिया, लखनपुर, आमगांव, सोवनपुर का इलाका इसमें शामिल होगा।
सीमा विस्तार की ये है प्रकिया
नगर पालिका के विस्तार से लिए सबसे पहले बोर्ड की बैठक में इसे स्वीकृति दी जाती है। उसके बाद में पालिका द्वारा प्रस्ताव बनाकर कमिश्नर के यहां भेजा जाता है। अनुमोदन मिलने के बाद में फाइल संबंधित तहसील प्रशासन को सर्वे के लिए दी जाती है। सर्वे होने के बाद में आपत्ति मांगी जाती है, उसके बाद में उनका निस्तारण किया जाता है। फिर फाइल डीएम के माध्यम से शासन को जाती है। वहां से टीम तकनीकी परीक्षण करती है। उसके बाद में गजट किया जाता है। जब फाइल कैबिनेट में जाती है, तो वहां से अनुमोदन मिलता है। उसके बाद में पालिका का सीमा विस्तार होता है, लेकिन यहां तो बोर्ड की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद फाइल आगे ही नहीं बढ़ पाई।
नगर पालिका में शामिल होने पर यह मिलेगी सुविधाएं
- बेहतर सड़कें, गलियां
- घर पर पानी कनेक्शन
- पथ प्रकाश व्यवस्था
- बेहतर साफ-सफाई
- पानी निकास के लिए नाली, नाले
नौ मई, 2021 को सीमा विस्तार का प्रस्ताव पास कर दिया था। उसके बाद में फाइल कमिश्नर के यहां भेज दी थी। उसके बाद में फाइल कहां पर है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर सीमा विस्तार होता है तो इसका फायदा लोगों को होगा। -दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष