गंगा और रामगंगा में बाढ़ के मद्देनजर बाढ़ खंड ने संवेदनशील बांधों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इस पर करीब 50 लाख रुपये का खर्च आया है। इधर, शासन से बाढ़ खंड के 11.64 करोड़ के उस प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल कई है जो बाढ़ से बचने के इंतजामों को लेकर भेजा गया था। हालांकि, इस राशि से काम अक्तूबर के बाद चालू किया जाएगा। बाढ़ खंड के मुताबिक फिलहाल हालात सामान्य हैं। जिले में गंगा और रामगंगा नदियों हर साल तबाही मचाती हैं। दोनों नदियों से रिहायशी इलाकों के बचाने के लिए करीब 104.4 किमी के बांध भी बने हुए हैं। इन बांधों की मरम्मत के लिए बाढ़ खंड की ओर से शासन को इस बाद 11.64 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने से पहले ही बाढ़ का सीजन चालू हो गया। ऐसे में शासन स्तर से बाढ़ खंड को उपलब्ध बजट के हिसाब से बांधों की मरम्मत के लिए कहा था। बाढ़ खंड ने करीब 50 लाख रुपये की लागत से धापड़, गंगस महाबा और चंदनपुर-हसैनपुर बांध की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इधर, शासन से बाढ़ खंड के 11.64 करोड़ के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई है। हालांकि, यह भी कहा गया है कि बाढ़ का सीजन निकलने के बाद इस राशि से काम किया जाएगा। जिले में आमतौर पर सितंबर के अंत तक बाढ़ का सीजन रहता है। ऐसे में साफ है कि स्वीकृत राशि से काम अक्तूबर में ही शुरू हो सकेगा।