बदायूं। मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से संवेदनशील जिले की अधिकतर ग्राम पंचायतों में अब तक एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है, जबकि पिछले साल ही जिले में डेंगू के 579 और हजारों मरीज मलेरिया से पीड़ित पाए गए थे। हालांकि विभाग दावा कर रहा है कि उसने प्रधानों को छिड़काव के लिए दवा दे दी है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में मच्छरों ने लोगों को जीना दुश्वार कर दिया है। दिन में गर्मी सताती है तो शाम होते ही मच्छरों की फौज टूट पड़ती है। रात में बगैर मच्छरदानी खुले में सोना तो बहुत ही मुश्किल काम है लेकिन मच्छरों पर काबू पाने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। हालांकि मलेरिया विभाग का कहना है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एंटी लार्वा उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन अधिकतर ग्राम पंचायतों में दवा का छिड़काव ही नहीं कराया गया है।
मलेरिया विभाग के मुताबिक कुछ दिन पहले प्रत्येक ब्लॉक में बैठक की गई थी, जिसमें सभी प्रधानों को टेमोफोस एंटीलार्वा दवा दी गई थी। उन्हें बताया गया था कि 10 लीटर पानी में 2.5 एमएल दवा मिलाकर नाले-नालियों में छिड़काव कराएं।
विभाग के दावों के मुताबिक यदि ग्राम पंचायतों का हाल देखा जाए तो अधिकतर में ग्रामीण दवा का छिड़काव न होने की बात कह रहे हैं। सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव भगवतीपुर निवासी सचिन के मुताबिक उनके गांव में इस साल कोई दवा का छिड़काव नहीं कराया गया। कुछ साल पहले तक नाले-नालियों के साथ ही घरों में भी छिड़काव कराया जाता था लेकिन अब कई साल से दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है।
गांव आमगांव के प्रेमपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव में भी दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। पिछले कुछ वर्षों की अपेक्षा मच्छरों की संख्या और बढ़ गई है। अगर यही लापरवाही बरती जाती रही तो एक दिन घर-घर में लोग बीमार होंगे। अस्पतालों में जगह कम पड़ जाएगी।
ये पाए गए मलेरिया के मरीज
- साल - टेस्ट - पॉजिटिव - पीवी - पीएफ
- 2019 - 157248 - 20339 -18310 - 2029
- 2020 - 252745 - 11987 -10085 -1902
- 2021 - 157294 - 1665 -1506 - 159
- 2022 - 270377 - 1373 - 1279 - 94
- 2023 (दो माह) - 17512 - 12 - 12 - 00
ये पाए गए डेंगू मरीज
- साल - मरीज
- 2018 - 06
- 2019 - 42
- 2020 - 07
- 2021 - 471
- 2022 - 579
- 2023 - 00
- गांव में मच्छरों का प्रकोप बहुत बढ़ गया है। कई साल से तो छिड़काव नहीं हुआ है। कई बार प्रधान और ब्लॉक अधिकारियों से भी कहा गया कि दवा का छिड़काव कराएं लेकिन कोई छिड़काव नहीं कराया गया। - मुनेंद्र सिंह, बीधानगला
- गांव में इतने मच्छर हैं कि शाम होते ही लोगों पर टूट पड़ते हैं। कहीं भी खुले में बैठना दूभर कर देते हैं। रात को बिना मच्छरदानी लगाकर सो नहीं सकते। इस पर जिला प्रशासन को विचार करना चाहिए। - मोहम्मद जमीर अहमद, संग्रामपुर
- गांव में आज तक दवा का छिड़काव नहीं हुआ है। यहां मच्छर इतने हैं कि रात तो दूर दिन में भी चैन नहीं लेने देते। इससे बीमारियां फैलती हैं। लोग मलेरिया के शिकार हो रहे हैं। जिम्मेदार दवा का छिड़काव तो करा ही सकते हैं। - सुनील कठेरिया, दबतोरी
- प्रत्येक ग्राम पंचायत में मच्छरों के लिए दवा आती है लेकिन जिम्मेदार दवा का छिड़काव ही नहीं कराते। अगर लगातार दवा का छिड़काव होता रहे तो इनकी संख्या नहीं बढ़ेगी लेकिन प्रधान दवा का छिड़काव कराने से बचते हैं। - रंजीत यादव, बगरैन
- विभाग की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में मच्छरमार दवा पहुंच चुकी है। फिर भी किसी ग्राम पंचायत में दवा नहीं पहुंची है तो प्रधान कार्यालय आकर ले सकते हैं। दवा का छिड़काव कराना प्रधानों और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी है। - योगेश कुमार सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी
- मच्छरमार दवा स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाती है। जब संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलता है, तब इस दवा का छिड़काव कराया जाता है। गांवों में भी दवा का छिड़काव कराया गया था। हमारे पास उसके फोटो भी आए हैं। अगर कहीं दवा का छिड़काव नहीं हुआ है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ
- कुछ दिन पहले दस्तक अभियान शुरू हुआ था, तब दवा आई थी। सभी प्रधानों को दवा उपलब्ध करा दी थी। अगर किसी ग्राम पंचायत में दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है, तो इसे दिखवाते हैं। - विजयंत कुमार सिंह, बीडीओ सालारपुर
- हमारे यहां दवा आई थी। हमने दवा भेज दी है। ग्राम पंचायतों में दवा का छिड़काव कराया गया है। अगर ग्रामीण कह रहे हैं कि दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है तो इसकी जांच कराते हैं। - मुनब्बर खान, बीडीओ बिसौली
दबतोरा ग्राम पंचायत में गंदगी से अटा पड़ा खड़ंजा और नाली। संवाद
दबतोरा ग्राम पंचायत में गंदगी से अटा पड़ा खड़ंजा और नाली। संवाद
दबतोरा ग्राम पंचायत में गंदगी से अटा पड़ा खड़ंजा और नाली। संवाद
दबतोरा ग्राम पंचायत में गंदगी से अटा पड़ा खड़ंजा और नाली। संवाद
दबतोरा ग्राम पंचायत में गंदगी से अटा पड़ा खड़ंजा और नाली। संवाद
दबतोरा ग्राम पंचायत में गंदगी से अटा पड़ा खड़ंजा और नाली। संवाद