बदायूं। बरेली के भुता थानाक्षेत्र के गांव भगवानपुर निवासी नरेंद्र की बड़ी बेटी पायल और इकलौता बेटा अंकित था। अंकित हाईस्कूल का छात्र था। हादसे की खबर मिलते ही नरेंद्र अपने पिता शंकरलाल व मां के साथ पोस्टमॉर्टम हाउस पर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचते ही दहाड़ मारकर जमीन पर गिर गए और पुलिस के सामने हाथ जोड़कर कह रहे थे, मुझे मेरा लाल दिखा दो। पोते की मौत के गम में बेसुध हुए बाबा और दादी की आंखों से आंसू की धार बह रही थी। इसे देख पुलिस कर्मियों की भी आंखें नम हो गई। दादी और बाबा बार-बार यहीं बोल रहीं थी कि हाय मेरा लाल, भगवान मुझे उठा लो। मेरे लाल के साथ क्या हुआ। मुझे उसे दिखा दो। महादेव तूने यह क्या किया। अब हमें भी उठा लो। हमारा एक ही लाल था, उसके बिना हमारा क्या होगा। पुलिस कर्मियों ने उन्हें बार-बार ढांढस बंधाया। अंकित के पिता और दादी-बाबा एक दूसरे से लिपटकर रोते बिलखते रहे। संवाद