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लंपी वायरस : जिले में नौ रिंग, पांच-पांच किमी का इलाका संवेदनशील

सार

जिले में गहरा रहे लंपी वायरस के खतरे के बीच पशु पालन विभाग ने नौ रिंग एरिया चिह्नित किए हैं।जिले में अब तक लंपी वायरस के 29 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।लंपी वायरस के खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग की ओर सोडियम हाइड्रो क्लोराइड का गोशालाओं समेत गांवों में छिड़काव कराया जा रहा है।
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विस्तार
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बदायूं। जिले में गहरा रहे लंपी वायरस के खतरे के बीच पशु पालन विभाग ने नौ रिंग एरिया चिह्नित किए हैं। इन रिंग एरिया में पांच-पांच किमी की परिधि में गोवंश को आइसोलेट करने का काम शुरू कर दिया गया है। जिले में अब तक लंपी वायरस के 29 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
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लंपी वायरस के खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग की ओर सोडियम हाइड्रो क्लोराइड का गोशालाओं समेत गांवों में छिड़काव कराया जा रहा है। नौ रिंग चिह्नित करने के साथ पशुपालन विभाग ने जिले में 98 गांवों को लंपी वायरस के लिहाज से संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इन गांवों पर ज्यादा सतर्कता से काम किया जा रहा है। जिले की गोशालाओं में 272790 गोवंशीय पशु हैं, इसके अलावा करीब पांच हजार घुमंतू गोवंशीय पशु भी हैं। इन सभी पशुओं को लंपी वायरस का खतरा है। शासन से पशुपालन विभाग को सोडियम हाइड्रो क्लोराइड की 10-10 लीटर की 100 केस प्राप्त हो गई हैं। इस संबंध में सीवीओ डॉ. एके जादौन का कहना है कि नौ रिंग एरिया के पांच-पांच किमी परिधि में विशेष निगरानी के साथ सोडियम हाइड्रो क्लोराइड का छिड़काव कराया जा रहा है। अब तक जिले में 29 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें आठ ठीक भी हो गए। हालांकि आईवीआरआई से किसी मामले में लंपी वायरस की पुष्टि नहीं हुई है।
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लंपी वायरस से गोवंशों की मौत की चर्चा, विभाग ने किया इनकार
दबतोरी। गांव ललुआ नगर में भी लंपी वायरस ने दस्तक दी है। यहां पर कुछ गोवंश वायरस से पीड़ित बताए जा रहे हैं। गांव निवासी महेंद्र सिंह के अनुसार उनकी गाय की मौत 12 तो मुनेश के अनुसार उनकी गाय की मौत 13 सितंबर को लंपी वायरस से हुई है। वहीं गांव के राकेश सिंह, सुभाष सिंह, तेज सिंह, उदयपाल सिंह, सुरेंद्र ने बताया कि उनके गोवंश भी बीमार चल रहे हैं। इस मामले में सीवीओ डॉ. एके जादौन ने बताया कि जिले में अभी तक किसी भी गोवंश की मौत लंपी वायरस की वजह से नहीं हुई है। संवाद
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