एसीपी बताकर आलोक अग्रवाल से 26700 रुपये की ठगी का मामला
दोपहर तक बंद रहा सराफा कारोबार, पूर्व मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी। सराफ आलोक अग्रवाल से 26700 रुपये की ठगी के मामले में दूसरे दिन कारोबारियों का गुस्सा फूट पड़ा । सराफा प्रतिष्ठान बंद रखकर कारोबारियों ने घंटाघर चौराहे पर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसे लेकर दोपहर बाद तक सराफ प्रतिष्ठान बंद रहे।
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल के प्रतिष्ठान के सामने धरना पर बैठे कारोबारियों और पदाधिकारियों के सामने आलोक अग्रवाल ने अपना पक्ष भी रखा। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के दौरान कहा- एसीपी बताकर उन्हें ठगी का शिकार बनाए जाने से पहले कोतवाली पुलिस ने उनकी शिकायत पर गौर नहीं किया। हकीकत जानने की वजाय उन्हीं पर पुलिस ने एसीपी के फोन नंबर पर बात कर मांगे गए रुपये डालने का दवाब बनाया था। उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। पुलिस फर्जी एसीपी की कॉल की जांच करती तो वह ठगी का शिकार नहीं होते। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
दोपहर में पूर्व राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों समेत सराफ आलोक से घटना के बारे में जानकारी की। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने भी उनके सामने अपना पक्ष रखा। पूर्व राज्यमंत्री ने उन्हें पूरे मामले की जांच कराके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही धरनास्थल से उठे सराफा कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोले। एसोसिएशन के अध्यक्ष मित्तल ने बताया कि पुलिस को जांच के लिए दो दिन का समय दिया गया है। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से धरना शुरू कर दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में पुरषोत्तम दास वार्ष्णेय, प्रदीप गोयल, मनीष गोयल, अवनीश चंद्र गोयल, वीरेंद्र कुमार, दीपक सिंघल, किशनचंद्र, आदर्श वार्ष्णेय, संदीप गोयल, प्रतीक गोयल, सुशील कुमार और संजीव साहू आदि सराफ मौजूद थे।
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सराफ प्रदीप गोयल से रंगदारी मांगने का मामला भी उठा
- धरना स्थल पर जुटे सराफा कारोबारियों ने पिछले दिनों सराफ प्रदीप गोयल को फोन पर धमकाने और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का भी मामला उठाया। कारोबारियों ने कहा कि ऐसा अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। इससे दहशत का माहौल बना हुआ है।
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आलोक बोले- आरोपियों पर हो ठोस कार्रवाई
- ठगी के शिकार सराफ आलोक अग्रवाल ने धरना स्थल पर ही उन सभी बातों को दोहराया, जो कोतवाली में उनसे कही गई थीं। बोले- वह फेक कॉल के बारे में अपनी बात कहते रहे, लेकिन दरोगा ने उनकी एक नहीं सुनी। दरोगा ने फर्जी एसीपी से फोन पर बात भी की। फिर भी वह उनकी मंशा नहीं भांप पाए। उल्टे उन्हीं को ही भला-बुरा ठहराते रहे। पुलिस ने फर्जी एसीपी के कहने पर ही उन्हें दवाब में ले लिया था।
- सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों से उन्होंने धरना स्थल पर बात की है। सराफ आलोक अग्रवाल के साथ जो कुछ हुआ है, वह खुद ही हर पहलू पर जांच करेंगे। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। वह बुधवार को एवीडेंस के सिलसिले में बाहर थे। - मनोज कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक।
- एसएसआई तलब, एक टीम राजस्थान रवाना
उझानी। सराफा व्यापारी आलोक अग्रवाल को दुकान से बुलाकर कोतवाली लाने वाले एसएसआई मनोज कुमार को एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने तलब कर लिया है। दूसरी ओर जिस नंबर से व्यापारी को कॉल की गई थी उस नंबर की लोकेशन राजस्थान में मिली है। लोकेशन मिलने के बाद एक पुलिस टीम राजस्थान रवाना हो गई है। एसएसपी से ने खुलासे के लिए सर्विलांस सेल को लगाया है। संवाद