बदायूं। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के सामने खड़ीं 10 निजी एंबुलेंस को सीज करने के विरोध में शुक्रवार से संचालकों ने हड़ताल शुरू कर दी। संचालकों ने दातागंज रोड स्थित मैदान में एंबुलेंस खड़ी करके पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बाद में डीएम को ज्ञापन सौंपा।
एंबुलेंस संचालकों ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा है कि शहर में करीब 20 निजी एंबुलेंस संचालित हैं। ये पूरी तरह सुविधाओं से युक्त हैं। एंबुलेंस चालक गंभीर मरीजों को तत्काल हायर सेंटर पहुंचाकर उनकी जान बचाने का काम करते आ रहे हैं। अब तक चालक जिला अस्पताल के सामने खड़े होते आ रहे थे। कुछ चालक मेडिकल कॉलेज के सामने खड़े होकर मरीजों को पहुंचाने का काम करते थे।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर गेट के बाहर खड़ीं 10 निजी एंबुलेंस को सीज कर दिया। चालकों का कहना था कि एंबुलेंस संचालित नहीं होंगी तो उनकी किस्त जमा होने में दिक्कत आएगी। वहीं परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो जाएगा।
संचालकों ने समस्या का निस्तारण कराने के साथ ही निजी एंबुलेंस खड़ी करने के लिए स्थान सुनिश्चित करने की गुहार लगाई। इधर, निजी एंबुलेंस संचालकों के हड़ताल पर चले जाने से गंभीर रोगियों को बाहर ले जाने में उनके परिजनों को दिक्कत हुई। ज्यादातर लोग निजी वाहनों से रोगियों को हायर सेंटर ले गए। इस मौके पर वीरेंद्र गुप्ता, सरवन, शक्ति गुप्ता, सोनू सिंह, राहुल सिंह, भोला, अमित कुमार, अंकुर साहू, गौरव साहू, नन्हे गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।
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एंबुलेंस भले ही प्राइवेट हों लेकिन कंपनी से पूरी सुविधा के साथ ही उनको लाइसेंस मिलता है। इन एंबुलेंसों की शिकायत यह थी कि मेडिकल कॉलेज के सामने से इनके चालक बहला-फुसलाकर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में ले जाते हैं। गेट पर आड़ी-तिरछी एंबुलेंस लगाकर जाम लगाते हैं। - डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज