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Budaun News: माता-पिता की मेहनत लाई रंग... तीनों बेटियां एक साथ बनीं दरोगा

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फोटो-07बीडीएन11, शिखा गुप्ता
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बदायूं। उघैती की तीन सगी बहनों ने एक साथ दरोगा बनकर अपने परिवार का ही नहीं बल्कि अपने इलाके और जिले का भी मान बढ़ाया है। हालांकि दो बहनें पहले से पुलिस विभाग में सिपाही हैं। एक बहन रेलवे में खल्लासी के पद पर काम कर रही थी। अब उसने वहां से त्याग पत्र दे दिया है। 12 मार्च से तीनों बहनें एक साथ मेरठ में ट्रेनिंग करेंगी। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में माता-पिता की कड़ी मेहनत रही।
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उघैती में रहने वाले संजीव कुमार गुप्ता मूलरूप से छिबऊ कला गांव के निवासी हैं। उनके गांव में पांचवीं से आगे की पढ़ाई के लिए कोई स्कूल नहीं है। बच्चों की पढ़ाई की खातिर बीस साल पहले संजीव उघैती आकर रहने लगे। उन्होंने किराये पर दुकान लेकर मिठाई बनाकर का कारोबार शुरू किया, जबकि पत्नी रीना गुप्ता कपड़ों की सिलाई करके घर चलाती रहीं। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें 27 वर्षीय शिखा, 25 वर्षीय शिल्पी, 24 वर्षीय शैली और 22 वर्षीय अभिषेक गुप्ता हैं। चारों भाई-बहनों ने माधवराम इंटर कॉलेज से इंटर पास किया। शिखा गुप्ता ने एनएमएसएन दास डिग्री कॉलेज से बीएससी और चंदौसी से एमएससी किया। वर्ष 2020 में महिला कांस्टेबल के पद पर उनकी नियुक्ति हो गई। इस समय उनकी तैनाती मुरादाबाद के महिला थाने में है।
शिल्पी गुप्ता ने भी दास डिग्री कॉलेज से बीएससी और चंदौसी से एमएससी की। वर्ष 2018 में रेलवे में खल्लासी के पद पर नौकरी मिल गई। जबकि सबसे छोटी बहन शैली गुप्ता वर्ष 2021 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुई। उनकी तैनाती लखनऊ के हसनगंज थाने में है। शैली ने भी दास डिग्री कॉलेज से बीएससी और फिर बरेली कॉलेज से एमएससी किया।
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दरोगा भर्ती में तीनों बहनों का एक साथ चयन हुआ है। 26 फरवरी को बरेली में उन्हें एक साथ नियुक्ति पत्र मिला। अब तीनों बहनें एक साथ मार्च से मेरठ में ट्रेनिंग करेंगी। जहां तीनों बहनें पढ़ने में तेज रही हैं तो उनके माता-पिता भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने बच्चों की खातिर रात दिन एक कर दिया। इसका नतीजा यह रहा है कि तीनों बेटियां सफलता के इस मुकाम तक पहुंच सकीं।
त्याग पत्र देकर घर आई शिल्पी
- शिल्पी इस समय गुजरात के सूरत में रेलवे में खल्लासी के पद पर तैनात थी। चूंकि शिल्पी का दरोगा भर्ती में चयन हो गया है। इस पर तीन दिन पहले शिल्पी ने खल्लासी के पद से त्याग पत्र दे दिया। वह सोमवार को ही गुजरात से अपने घर आ गई। अब होली का त्योहार परिवार वालों के साथ मनाएंगी। फिर ट्रेनिंग के लिए चली जाएंगी।

नोएडा से बीटेक कर रहा है भाई
- तीनों बहनों का इकलौता भाई अभिषेक है। चारों भाई-बहनों में काफी प्यार है। अभिषेक ने इंटर की पढ़ाई करने के बाद पीलीभीत के राजकीय पॉलिटेक्निक से पढ़ाई की। इस समय वह नोएडा से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। बहनें कहती हैं कि वह अपने भाई को भी सरकारी नौकरी लगवाने की कोशिश करेंगी।

वो दिन याद है जब स्कूल ने माफ कर दी थी फीस
- लखनऊ के हसनगंज थाने में तैनात शैली गुप्ता कहती हैं कि हमारे जीवन में एक दिन ऐसा भी रहा है, जब माता-पिता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आर्थिक दिक्कत पैदा हो गई थी। इस पर उन्होंने अपने स्कूल के प्रधानाचार्य से बात की। उन्हें परिवार की समस्या बताई। तब प्रधानाचार्य ने उनकी फीस माफ कर दी।

फोटो-07बीडीएन11, शिखा गुप्ता

फोटो-07बीडीएन11, शिखा गुप्ता

फोटो-07बीडीएन11, शिखा गुप्ता

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