बदायूं। म्याऊ ब्लाॅक क्षेत्र की धर्मपुर निवासी ममता पत्नी रामन पाल ने प्रधानमंत्री आवास लेने के लिए वर्ष 2018 में आवेदन किया था, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। चार साल बाद उनके खाते में आवास बनाने के लिए 40 हजार रुपये पहुंच गए। अब अधिकारी उनसे रकम वापस करने के लिए कह रहे हैं। उनका कहना है कि धनराशि गलती से जारी हो गई है।
ममता का आरोप है कि ब्लॉक अधिकारियों ने उनकी आईडी पर इसी गांव की ममता पत्नी घनश्याम को आवास दिला दिया। यहां तक कि पहली किस्त देने के लिए जिओ टैगिंग भी गलत तरीके से कर दी। अब विभागीय अधिकारी कह रहे हैं कि धनराशि गलती से उनके खाते में आ गई है। उधर, काफी दिन तक ममता पत्नी घनश्याम को पहली किस्त नहीं मिली, तो उन्होंने इसकी शिकायत की।
अधिकारियों ने मामले की जांच की तो पता चला कि धनराशि ममता पत्नी रामन पाल के खाते में पहुंच गई है। अधिकारी इस धनराशि को वापस लेने में लग गए हैं। इस संबंध में म्याऊ के बीडीओ अखिलेश कुमार चौबे का कहना है कि गलती से अपात्र महिला के खाते में आवास की पहली किस्त पहुंच गई है। इस धनराशि को बैंक से वापस मांगा जा रहा है।
वर्जन
अगर ऐसा हुआ है तो यह मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बलराम सिंह, पीडी डीआरडीए