जिले में बाढ़ और कटान से करीब दो दर्जन गांवों में तबाही के बाद प्रशासन ने क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। प्रशासन ने माना है कि सबसे ज्यादा नुकसान दातागंज तहसील क्षेत्र में हुआ है। यहां कटान के चलते 10 मकान गंगा में समा गए। 16 अन्य लोगों को भी बाढ़ की वजह से क्षति हुई है। जिले में गंगा एक महीने से उफान पर चल रही थीं। पिछले सप्ताह जल स्तर कम होने के बाद गंगा ने कटान तेज कर दिया है। दातागंज तहसील के गांव अहमदनगर बछौरा में कटान के चलते गंगा ने 10 मकान निगल लिए थे। राजस्व विभाग की टीम ने क्षति के आकलन में यह बात मानी है। इसके साथ ही इन लोगों को दूसरे सुरक्षित स्थानों पर बसाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। तहसील क्षेत्र के गांव जटा में किसी तरह का नुकसान न होने की बात कही गई है। हालांकि, 16 अन्य बाढ़ पीड़ितों के लिए भी आर्थिक सहायता देने के लिए चिह्नित किया गया है। गांव के प्रधान तेजपाल ने बताया कि गांव में 1972 में सबसे ज्यादा तबाही हुई थी। इधर, हजरतपुर क्षेत्र में गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। एक महीने तक गांव से करीब 200 मीटर दूरी पर बहने वाली गंगा अब गांव से सिर्फ 30 मीटर की ही दूरी पर हैं। बाढ़ खंड कटान रोकने को व्यवस्थाओं में लगा हुआ है।